उदयपुर के गोगुंदा में 3 कोरोना पॉजिटीव मरीज मिले

उदयपुर (कांतिलाल मांडोत) । उदयपुर के गोगुन्दा,कोटड़ा और सायरा में घटते कोरोना मरीजों से लोगों मे भय कम हुआ है। कोरोना मरीजो में गिरावट आई है। सायरा चिकित्सा अधिकारी आर एस मीणा ने बताया कि आज गोगुंदा में तीन मरीज पॉजिटिव मिले है। जिसमें एक पडराडा और दो गोगुन्दा के मरीजों का समावेश है।

राज्य में ब्लैक फंगस जैसी महामारी ने यह संकेत दिया है कि सरकार को दीर्घकालीन नीति तैयार कर उस पर अमल करना जरूरी है। गांवो में प्राथमिकी स्वास्थ्य केंद्रों की निष्क्रियता और सुविधाओं के अभाव में स्थिती गंभीर बन गई। राज्य सरकार की चिकित्सा संसाधनों में सुधार के लिए कमर कसनी होगी। गांवो में सुविधाओं की कमी के कारण रोग देहात में पसरा है।

देश मे कई राज्यो में लॉकडाउन लगा हुआ है। लॉकडाउन की वजह से आर्थिक गतिविधियों पर ब्रेक लगता है। गांवो में लोगो के पास कोई व्यवसाय है और नही कोई नौकरी है। अपने परिवार का भरण पोषण में मुश्किलें पैदा हो रही है। आर्थिक विकास प्रभावित होता है फिर भी,उनके अनुसार लॉकडाउन जरूरी है। लॉकडाउन से जनजीवन सुरक्षित रहता है। बीमारी हटने के बाद फिर से आर्थिक गतिविधियों में संचार हो जाता है।

लोग गांवो में कोरोना और गंभीर बीमारी ब्लैक फंगस की गंभीरता को समझ नही रहे है। पूरी लापरवाही बरती जा रही है। आज से 15 महीने से चली आ रही बीमारी के लिए पुलिस और प्रशासन को कोरोना नियमो का पालन करवाना पड़ रहा है। जहाँ पुलिस कुछ नही करती है,वहाँ लोग बेपरवाह होते है। अभी लॉकडाउन लगा हुआ है और कोरोना को मात देने का सरल मार्ग है। लेकिन लापरवाही करनी भारी पड़ सकती है।

गोगुंदा चिकित्सा अधिकारी राकेश पोरवाल ने बताया कि रेपिड एंटीजन टेस्ट यहा सामुदायिक भवन में उपलब्ध हुआ है। गोगुंदा,कोटड़ा और सायरा से आने वाले मरीजो के लिए सुविधा उपलब्ध हुई है। लोगों को परेशान नही होना पड़ेगा। कई मरीजो का गोगुंदा अस्पताल में टेस्ट लिया गया। उसकी रिपोर्ट आना बाकी है।

लिहाजा,जीवो के लिए कार्य करती जीव दया सेवा कार्य की संस्था पशु पक्षियों के लिए दाने पानी की व्यवस्था और घोंसले के लिए संस्था ने पुण्यपार्जन का कार्य शुरू किया है। संस्था के कार्यकर्ता हीरालाल जैन निवासी भुताला ने बताया कि जीव दया सेवा संस्था प्राणियों के जीवन रक्षा के लिए कार्य कर रही है।लोगो से सहयोग लेकर पक्षियों के लिए दाना पानी के व्यवस्था की जाती है। इस संस्था का मुख्य उधेश्यगोमाता,कबूतर,श्वान ,चिडिय़ा, तोता,मछलिया आदि मूक जबान पशु पक्षियों के लिए दाना पानी की व्यवस्था करते है। उसमें जन सहयोग स्वीकार्य है।हमारे पैतालीस सौ कार्यकर्ता जीव सेवा कार्य के साथ जुड़े हुए है।

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