आर्मी आफिसर की पहचान बताकर व्यापारी से लाखों की धोखाधड़ी

वेसू इलाके में रहने वाले मीठाई का व्यापारी ऑनलाइन मिठाई की बिक्री करता था। इस बीच फेसबुक के जरिए अजान शख्स ने उनका सम्पर्क किया। शख्स ने अपनी पहचान आर्मी आफिसर के तौरपर बतायी। बाद में ठगबाज ने अपनी आफिस के लिए 30 किलो मिठाई का आर्डर देकर व्यापारी को एडवान्स पेमेन्ट चुकाने बहाने से विश्वास में लिया और एक ओटीपी नंबर हासिल कर लिया। ओटीपी नंबर हासिल करने के बाद खाते से 1.46 लाख ऑनलाइन ट्रान्सफर करके धोखाधड़ी की। व्यापारी ने उमरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवायी है।

वेसू वीआईपी रोड फायर स्टेशन के सामने सुमन शैल आवास निवासी मूल महेसाणा निवासी चिग्नेश उर्फ जिग्नेश मणीलाल पटेल बमरोली इलाके में हरिओम इंडस्ट्रीज में उमिया टेक्सटाइल के नाम से वायरपर लूम्स का कारखाना चलाते है और सीजन के मुताबिक बाहर से मिठाई खरीदी करके ऑनलाइन और घर से ऑर्डर लेकर अन्य को बिक्री करते थे। चिग्नेश ने फेसबुक पर मिठाई बिक्री की पोस्ट रखी है और साथ में मोबाइल नंबर भी लिखा था। इस पोस्ट को देखकर गत 3 अगस्त को अजनबी व्यक्ति उन्हें वॉट्सएप मैसेज करके मिठाई के ऑर्डर के बारे में बातचीत की। और अपनी पहचान आर्मी आफिसर शिवचरण के तौरपर दी थी। आफिस के लिए 30 किलो मिठाई का ऑर्डर दिया था और एक किलो के 300 रूपए के मुताबिक 9 हजार रूपए एडवान्स देने की बात हुई थी।

इसके बाद ठगबाज ने अपना आर्मी का केन्टीन कार्ड, आधारकार्ड, पानकार्ड के फोटो भेजे थे और फोन करके अपनी नौकरी एयरपोर्ट पर होने और आफिस से संदिप सर नामक व्यक्ति को नंबर देने की बात कहीं थी। चिग्नेश ने मिठाई का आर्डर तीन दिन के बाद मिलने की बात कहीं थी। दूसरे दिन फिर से वॉट्सएप कॉल करके शिवचरण के सर दिनेश बात कर रहा हूं और मिठाई के रूपए कैसे भेजने है इसके बारे में पूछा। जिससे जिग्नेश ने गुगल पे एप्लिकेशन से भेजने की बात कहीं। लेकिन ठगबाज ने पहले चार रूपए ट्रान्सफर किए थे और पैसा जमा हुए या नहीं इसके बारे में पूछा। इसके बाद एक लींक वॉट्सएप पर भेजी थी। जिसमें खाताबुक एप्लिकेशन में 9 हजार और उस पर क्लीक करने से खाते में रूपए जमा होने की बात कहने पर चिग्नेश ने लींक क्लीक में मंगवाया डेटा और पीन नंबर लिखने पर 9 हजार रूपए कट गए थे। चिग्नेश ने उससे भूल हो गई होगी ऐसा समझकर फिर से क्लीक करने पर पहले 27 हजार, दूसरी बार 18 हजार, तीसरी बार 43 हजार और चौथी बार 2950 रूपए कट गए।

कुछ देर में ठगबाज ने फोन करके चिग्नेश को कहा कि आपको खाताबुक में ट्रान्जेक्शन करना नहीं आता। आपके डेबिट कार्ड के आगे पीछे का फोटो भेजो मैं आपके रूपए रिफंड कर देता हूं ऐसा कहकर विश्वास में लेकर ओटीपी नंबर लेकर खाते से पहले 15 हजार, बाद में 5 हजार और इसके बाद 39,999 मिलाकर कुल 1,46,449 ऑनलाइन ट्रान्जेक्शन करके निकाल लिए। चिग्नेश को ठगी का एहसास होने पर एयरपोर्ट जांच करने पहुंचा तो आर्मी का आफिसर ने ऐसा कोई ऑर्डर नहीं देने की बात सामने आयी। जिससे खुद को ठगा महसूस कर गतरोज पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवायी। उमरा पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच कर रही है।

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