दूसरे राज्यों में लॉकडाउन का असर टैक्सटाइल मार्केट पर, गुड्स का डिस्पैचिग महज 10-15 फीसदी

राज्य में आंशिक लॉकडाउन में कपड़ा व्यापारी को राहत दी गई है। अब कपड़ा व्यापारी अपना प्रतिष्ठान सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे खुले रख सकते है। लेकिन दूसरे राज्यों में लॉकडाउन होने से अभी भी पहले जैसी कपड़ा मार्केट में चहल-पहल नहीं दिखायी दे रही है। कपड़ा मार्केट शुरू होते ही ट्रांसपोर्टरों ने अपना परिचालन शुरू कर दिया। लेकिन देश के विभिन्न राज्यों में आंशिक लॉकडाउन के कारण सूरत से माल के डिस्पेचिंग महज 10 से 15 फीसदी हो रहा है।

वर्तमान में महाराष्ट्र और दो-तीन दक्षिणी राज्यों में लॉकडाउन चल रही है। विभिन्न राज्यों के लिए पार्सल सेवा देनवाले सिटी ट्रांसपोर्टर उस राज्य की स्थिति के अनुसार काम कर रहे हैं। छोटे ट्रांसपोर्टरों ने तो अपना कार्यालय भी शुरू नहीं किया है।

सूरत टेक्सटाइल गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के युवराज देसले ने कहा कि कोरोना का सबसे बड़ा असर ट्रांसपोर्ट उद्योग पर पड़ा है। श्रमिक वतन लौट हैं जिससे श्रमिकों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। वापस उपनगरों से माल रिटर्न नहीं मिलने की तकलीफ है। इसलिए 1 जून के बाद जब सब कुछ ठीक से खुल जाएगा तो काम में तेजी आएगी।

अन्य राज्यों में लॉकडाउन के कारण सूरत से टैक्सटाइल गुड्स शिपमेंट फिलहाल बहुत कम है। कपड़ा बाजार से पार्सल की डिस्पैचिंग महज 10-15 फीसदी तक पहुंची है। फिलहाल अन्य शहरों की मंडिया बंद है। शादियों का सीजन भी खत्म होने में है। जिसके कारण यह स्थिति पैदा हुई है।

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