हिंदीभाषियों और उर्दूभाषियों की जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त वर्ग शुरू करने की मांग

शुक्रवार को युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता शान खान ने सूरत मनपा के स्थायी समिति के अध्यक्ष को एक ज्ञापन भेजकर हिंदी भाषा को केवल 2 वर्ग व उर्दू भाषा को एक भी वर्ग न आवंटित करने के निर्णय को लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल रूप से इस हिंदीभाषियों और उर्दूभाषियों की जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त वर्ग शुरू करने की मांग की।

ज्ञापन में बताया गया कि सूरत मनपा द्वारा हाल ही में नागरप्राथमिक शिक्षण समिति की शालाओं में कक्षा 11 और 12 के कुल 14 वर्ग शुरू करने का निर्णय लिया गया हैं जिनमे गुजराती में 8, मराठी में 4 और हिंदी में केवल 2 वर्ग आवंटित किए गए हैं जबकि उर्दू तथा अन्य दूसरी भाषाओं को एक भी वर्ग आवंटित नहीं किया गया हैं। मनपा के इस निर्णय से शहर में बसने वाले लाखों हिंदीभाषियों व उर्दुभाषियों के साथ घोर अन्याय हुआ हैं।

हिंदी को केवल 2 वर्ग देना वही मराठी को 4 वर्ग देने के लिए सत्तापक्ष की क्या सोच हैं यह सबकी समझ से परे हैं जबकि शहर में मराठीभाषियों की जनसंख्या की तुलना में हिंदीभाषियों की जनसंख्या कई गुना अधिक हैं बावजूद उसके हिंदीभाषियों के साथ सौतेला व्यवहार कर उनके साथ घोर अन्याय करने का काम किया हैं जो बर्दास्त के योग्य नहीं हैं।

तत्काल रूप से इस विषय पर विचार-विमर्श कर हिंदीभाषियों और उर्दूभाषियों की जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त वर्ग शुरू करने की घोषणा की जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *