उदयपुर जिले के गोगुन्दा में नही मिला एक भी कोरोना पॉजिटीव,ऐंटीजन टेस्ट में 30 का लिया सेम्पल

उदयपुर (कांतिलाल मांडोत) उदयपुर में कोरोना की रफ्तार में बहुत बदलाव आया है।पॉजिटीव मरीजो की संस्था कम हो रही है।लोगो को ब्लैक फंगस का भय सता रहा है।गांवो में कोरोना संक्रमित मरीज बहुत कम मिल रहै है। उदयपुर जिले के गोगुंदा, सायरा,कोटड़ा,झाड़ोल आदि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना की रफ्तार रुक गई है।कोरोना मरीज की गिरावट से ग्रामीण जनजीवन में खुशी का माहौल है।ब्लैक फंगस का एक भी केसग्रामीण क्षेत्रों से नही मिला है। गोगुन्दा में एक भी कोरोना पॉजिटीव केस नही मिला।गोगुन्दा राजेश पोरवाल ने बताया कि आज ऐंटीजन टेस्ट 30 व्यक्तियों का किया।सभी नेगेटिव पाए गए।दरअसल,कोरोना के मार से देश की अर्थव्यवस्था बेपटरी हो गई है।

कोरोना की पहली लहर समाप्त होने के बाद दूसरी लहर आ धमकी।इस दूसरी लहर की अर्थव्यवस्था का इतना नुकसान हुआ है कि इसको संभलने में काफी वक्त लगेगा।हर किसी का परिचित कोरोना से प्रभावित हुआ है।ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार का ध्यान गया है तो उसे भी पटरी पर लौटने में समय लगेगा।जैसे जैसे जांच शुरू होगी वैसे वैसे गांवो की तस्वीर साफ होगी।कोटड़ा,झाड़ोल,गोगुंदा, साम6मेंयरा आदि क्षेत्रों के युवक सूरत,मुम्बई और बेंगलोर में रोजगार के लिए गए है।लेकिन इन शहरों में भी कोरोना संक्रमण के कारण मार्केट बन्द है।रोजगार नही मिलने की वजह से हजारो नवयुवक बेरोजगार है।गांवो में व्यवसाय प्रभावित होने के कारण लोग आर्थिक संकट का सामना कर रहे है।लोगो के पास दो जून की रोटी का जुगाड़ करना मुश्किल होता जा रहा है।कोरोना की शुरुआत में रोजगार प्रभावित हुआ है जो करीब सोलह महीने गुजर रहे है।लोगो को पूछने पर कहते है कि परिवार का खर्च निकालना बहुत मुश्किल हो गया है।लोगो के चेहरे पर मायूसी है।इस विकट परिस्थितियों में सरकार को कोरोना महामारी से लोगो बचाने के साथ साथ उनके लिए राशन पानी की व्यवस्था भी करे।क्योंकि यह सरकार की पहली प्राथमिकता है।इस महामारी में सारे समाज को एकजुट होकर सामुहिक रूप से प्रयास करना चाहिए।महामारी के दौर में जिस प्रकार को एक आपातकालीन दायित्व निभाना पड़ता है,लगभग उसी प्रकार समाज के गैर सरकारी संगठनॉ के कंधों पर भी एक बड़ा दायित्व है।महामारी के दौर यदि सरकारी योजनाओं के साथ सभी गैर सरकारी संगठन और देश के प्रत्येक नागरिक एक स्वर और एक तरंग की तरह कार्य करे तो बड़ी महामारी को भी जल्द से जल्द हराया जा सकता है।उदयपुर के कोटड़ा तहसील में पिकअप में लोडिंग कर अवैध रूप से गाय और बेल को कोटड़ा हाइवे होकर गुजरात ले जाते दो तस्करों को कोटड़ा पुलिस ने गिरफ्तार किया है।थानाधिकारी रामसिंह चूंडावत ने मुखबिर से सूचना मिली कि देवला की तरफ से एक लोडिंग पिकनिक में ठूस ठूस कर गाय, बैल और बछड़े भरकर गुजरात के कत्लखाने ले जा रहे है।पलेसर स्थिति तिराहे पर कोटड़ा पुलिस ने नाकाबंदी कर पिकनिक को रुकवाया।पुलिस ने पिकनिक को चैक किया तो उसमें एक गाय व चार बैल मिलाकर कुल पांच मवेशी भरे हुए थे।पुलिस ने खण्डेल कुंवारिया राजसमंद निवासी राहुल पुत्र बंशीलाल बंजारा और उसके साथी पिंटू पुत्र चबालाल बंजारा को गिरफ्तार किया।पुलिस की पूछताछ में खण्डेल राजसमंद से मवेशी भरकर गुजरात के कत्लखाने ले जाना बताया।

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