रेमडेसिविर इंजेक्शन कालाबाजारी का पर्दाफाश, 12 इंजेक्शन के साथ छह जन रंगेहाथ गिरफ्तार

सूरत में कोरोना कहर बरपा रहा है, ऐसे में कोरोना पीडि़तों का इलाज के लिए उपयोगी रेमडेसिविर इंजेक्शन की काफी मांग है। कोरोना बीमारी में कारगर साबित होने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए लोग लंबी कतारे लगा रहे है। इसकी का लाभ उठाते हुए सूरत में कालाबाजार शुरू है। कालाबाजारी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने 12 रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ छह लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि नए सिविल अस्पताल में इंजेक्शन की मांग की जा रही थी।

क्राइम ब्रांच को मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने विजय मेडिकल परवत पाटिया में छापा मारा। जहाँ से कल्पेश रणछोड़ मकवाना (उम्र 23, ए 386, सीताराम सोसाइटी, पुनागाम), प्रदीप चकोरभाई कटारिया (उम्र 21, 71 मुक्तिधाम सोसाइटी, पुनागाम), शैलेश जसाभाई हडिया (उम्र 29) और उनके भाई नितिन जसा हडिया (उम्र 25, दोनों निवासी 78 लक्ष्मीपार्क सोसायटी, गोडादरा ) को गिरफ्तार किया था।

पुलिस पूछताछ में रेमडेसिविर इंजेक्शन योगेश बचूभाई कवाड से 4 हजार रूपए में खरीदकर जरूरतमंदा ग्राहकों को 12 हजार में बेचने की बात कबूल की। जिससे पुलिस ने पूणगाम में नित्या मेडिकल स्टोर चलाने वाले योगेश कवाड (निवासी संतोषनगर, पुनागाम) और विवेक हिम्मत धामेलिया (उम्र 29, बी 103, सौराष्ट्र पैलेस, उत्राण, मोटा वराछा) को पकड़ा और उनके पास से 12 रेमडेसिविर इंजेक्शन और इंजेक्शन बिक्री के नकदी 2.45 लाख रूपए, 5 मोबाइल फोन की कीमत रु. 2.89 लाख रुपये का मुद्दामाल जब्त किए । इन सभी आरोपियों के खिलाफ ड्रग्स एन्ड कोस्मेटिक एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। पकड़े गए सभी आरोपियों का कोरोना की जांच की गई।

 

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