गणतंत्र दिवस परेड: राजपथ पर दिखी देश की ताकत और संस्कृति की झलक

राजपथ पर परेड गणतंत्र दिवस के मौके पर हेलीकॉप्टरों ने पहले दर्शकों पर फूलों की वर्षा करने के बाद पूर्व सैनिकों ने राष्ट्रपति को सलामी दी। राजपथ पर पहली बार बांग्लादेश सशस्त्र बलों के 122 सैनिकों की मार्च टुकड़ी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। टीम का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल अबू मोहम्मद शाहनूर शावोन और उनके डिप्टी लेफ्टिनेंट फरहान इशराक और फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिबत रहेमान ने किया था। टीम में बांग्लादेश की आर्मी, नौसेना और वायु सेना के जवान शामिल थे।

राजपथ पर भीष्म टैंक और ब्रह्मोस मिसाइलों ने दिखाई ताकत

राजपथ पर पहले युद्ध टैंक टी -90 ने अपनी ताकत दिखाई। यह मुख्य युद्ध टैंक, हंटर-किलर सिद्धांत पर काम करता है।125 मिमी शक्तिशाली स्मूथ बोर गन, 7.62 मिमी को-एक्सिल मशीन गन और 12.7 मिमी एंटी-एयरक्राफ्ट गन से लैस है।

861 मिसाइल रेजिमेंट के ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम के ऑटोनोमस लांचर ने राजमार्ग पर अपनी ताकत दिखाई। इसका नेतृत्व कैप्टन कमरुल जमान ने किया था। 861 वीं रेजिमेंट भारतीय तोपखाने की एक प्रतिष्ठित रेजिमेंट है। मिसाइल भारत और रूस के बीच एक संयुक्त उद्यम से तैयार किया गया है।

राजमार्ग पर नौसेना की झांकी

राजपथ पर नौसेना की झलक भी देखी गई। झांकी का पहला भाग भारतीय नौसेना द्वारा 04-05 दिसंबर 1971 की रात को मिसाइल नौकाओं द्वारा कराची बंदरगाह पर हमले को दर्शाया गया। झांकी के दोनों ओर हमलावर यूनिट द्वारा अपनाए गए मार्ग को दिखाया गया।

राजपथ पर जवानों ने दिखाया जोश

राजपथ पर उन्नत या अपग्रेडेड शिल्का हथियार प्रणाली की झांकी निकली। इसकी कमान 140 वीं वायु रक्षा रेजिमेंट की कैप्टन प्रीति चौधरी ने संभाली थी। शिल्का हथियार प्रणाली आधुनिक रडार और डिजिटल फायर कंप्यूटर से लैस है और लो लेवल वायु रक्षा के लिए सभी परिस्थितियों में लक्ष्य को साधकर दुश्मन को नष्ट करने में सक्षम है। प्रभावशाली वर्तमान प्रदर्शनों के परिणामस्वरूप भारतीय सेना में रेजिमेंट को एक महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। हथियारों के बाद अब रेजिमेंट का अवलोकन शुरू हो गया है। पहले जाट रेजिमेंट ने परेड की, उसके बाद गढ़वाल रेजिमेंट के जवानों ने अपना जज्बा दिखाया। महार रेजिमेंट ने राजपथ पर अपना जुनून दिखाया।

दुर्गा माता की जय का जाप करके दुश्मन के छक्के छुड़ाने वाले जम्मू और कश्मीर राइफल्स रेजिमेंट के सैनिकों ने अपने जुनून से राजमार्ग पर सभी का दिल जीत लिया। सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंटल सेंटर, लद्दाख स्काउट्स रेजिमेंटल सेंटर, आर्टिलरी सेंटर के एक संयुक्त बैंड ने राजपथ पर बलिदान की धुन बजाई।

राजपथ पर राफेल ने दिखामा दम

एकलव्य फॉरमेशन की अध्यक्षता राफेल युद्ध प्लेन ने की थी। राफेल के साथ दो जगुआर, दो मिग -29 फाइटर जेट्स हैं। फॉरमेशन के केप्टन ग्रुप केप्टन रोहित कटारिया, फ्लाइट लेफ्टिनेंट 17 स्क्वाड्रन हैं। राफेल ने इस बार वर्टिकल चार्ली के रूप में युद्ध के मैदान में अपना कौशल दिखाया।

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