हाईकोर्ट में जिसका डेथ सर्टिफिकेट पेश किया गया वह व्यापारी मुंबई के बार में अय्याशी करते हुए पकड़ाया

भोग बने व्यापारी की आशंका के बाद पुलिस  की उलट जांच में पूरा मामला हुआ उजागर

सूरत। वेसू में गोयेन्का स्कूल के पास केपिटल ग्रीन निवासी संजय सत्यनारायण खैराडी कपड़ा कारोबारी है। अनुपम मार्केट में उनकी दुकान है। संजयभाई और अन्य व्यापारी से अलथान चौराहा स्थित नेस्तवुड निवासी कमलेश उर्फ कमल जेकिशन चंदवानी ने लाखों का माल उधार में खरीदने के बाद पेमेन्ट नहीं चुकाया था। कमलेश चंदवानी सूचिता साड़ी एम्बोइडरी के नाम से साझेदारी में फर्म चलाता था।

पेमेन्ट नहीं चुकाने पर संजय खैराडी ने गत 26 जुलाई 2020 को सलाबतपुरा पुलिस में कमलेश चंदवानी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवायी थी। पुलिस ने मामला दर्ज करने पर कमलेश चंदवानी ने सेशन्स कोर्ट अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। लेकिन वह खारीज हो गई थी। इसके बाद कमलेश चंदवानी ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की।

जिसकी सुनवाई में हाईकोर्ट ने कमलेश चंदवानी को 2 लाख रूपए 12-11-2020 तक ट्रायल कोर्ट में जमा करने का आदेश दिया था। लेकिन कमलेश चंदवानी ने रकम कोर्ट में जमा नहीं करवायी।

करोड़ों के चीटिंग में कोर्ट मामले से छूटकारा पाने  पिता-पुत्र ने रचा षडय़ंत्र

इसके बाद पुत्र वरूण के साथ मिलकर कमलेश चंदवानी ने जाली डेथ सर्टिफिकेट बनाया। वकील की दिशाभूल करके वरूण ने पिता कमलेश का जाली डेथ सर्टिफिकेट हाईकोर्ट में पेश किया। डेथ सर्टिफिकेट के आधार पर हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका को डिस्पोज ऑफ निकाल कर दिया।

इस बीच भोग बनने वाले व्यापारी संजय खैराडी को कमलेश चंदवानी की मौत पर संदेह हुआ। उन्होंने सलाबतपुरा पुलिस थाने में अर्जी करके कमलेश चंदवानी की मृत्यु की सच्चाई जानने की मांग के साथ 11 मार्च 2021 को अर्जी की थी। इसकी जांच पीएसआई ए.जे. परमार कर रहे थे। मामले की गंभीरता को ध्यान में रखकर सलाबतपुरा पुलिस ने जांच करके पर पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ।

कमलेश चंदवानी के खिलाफ सूरत के अलावा अहमदाबाद और वडोदरा में भी चीटिंग की शिकायतें दर्ज है। करोड़ों के चीटिंग के उनके खिलाफ कोर्ट में केस शुरू है। जिससे कोर्ट के मामलों से छूटकारा पाने के लिए पुत्र वरूण के साथ मिलकर डॉक्टर का जाली लेटरपेड पर कमलेश चंदवानी का बोगस डेथ सर्टिफिकेट बनाकर हाईकोर्ट में पेश किए जाने का बाहर आया।

सलाबतपुरा पुलिस ने लोकेशन ट्रेस करके के बाद चार दिन जाल बिछाकर चालबाज कमलेश चंदवानी को महाराष्ट्र-मुंबई के बार में अय्याशी करते हुए पकड़ा। इस मामले में कमलेश का पुत्र वरूण फिलहाल फरार है।

उमरा स्मशानभूमि के स्टाफ से झूठ बोलकर मृत्यु नोंद की रसीद ली

डॉक्टर के लेटरपेड पर कमलेश चंदवानी की मौत 20-11-2020 को होने की बात लिखकर जाली डेथ सर्टिफिकेट बनाया। इसके बाद पुत्र वरुण इस डेथ सर्टिफिकेट को उमरा स्मशानभूमि में ले जमा करके किसी अन्य व्यक्ति की लाश स्टाफ को बता दी। इस तरह स्मशानभूमि से 21-11-2020 को पंजीकरण करवाकर स्मशानभूमि से मृत्यु नोंद की रसीद हासिल की थी। इसके बाद पालिका के अठवा जोन से मृत्यु प्रमाणपत्र लेकर उसे हाईकोर्ट में पेश किया था।

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