एक्सपायरी डेट के रेमडेसिवीर इंजेक्शन की शीशियों में पानी भरकर बेच रहा था शख्स, जानें कैसे हुआ मामले का पर्दाफाश

सूरत में रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कमी से लोगों की जान जा रही है। मरीजों के परिजन इंजेक्शन के लिए लंबी कतारे लगा रहे है। जान बचाने के लिए मुंह मांगा दाम देने के लिए तैयार है। इस परिस्थिति का लाभ उठाते हुए कुछ ठग लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है। सूरत में एक और इंजेक्शन का मामला सामने आया है। पुलिस ने एक्सपायरी डेट के रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने के आरोप में एक शख्स को गिरफ्तार कर लिया है।

चौंकाने वाली बात यह है कि रेमडेसिवीर इंजेक्शन के बातेल पानी भरकर शख्स इंजेक्शन 7000 रुपए में बेच रहा था। जांच में पता चला कि इस शख्स ने जरूरतमंद एक व्यक्ति को रु. 7000 के दर पर 7 इंजेक्शन रु. 42000 में बेच दिए। पूरा मामले का भंडाफोड़ तब हुआ जब खरीदने वाले व्यक्ति को रेमडेसिवी इंजेक्शन का लिक्विड फार्म देख संदेह हुआ तो उसने इंजेक्शन की एक्सपायरी डेट चेक की। जिसमें पाया गया कि एक्सपायरी डेट में भी छेड़छाड़ कर उसे 2020 की जगह 2021 किया गया था। जिग्नेश नामक व्यक्ति के मामा का पुत्र कोरोना पॉजिटिव है और उसका ऑक्सीजन लेवल 80 से 85 पर पहुंच गया है। उसके लिए रेमडेसिवीर इंजेक्शन की जरूरत थी।

किसी के जरिए जिग्नेश का इंजेक्शन बेचने वाले से संपर्क हुआ। जिग्नेश ने 7 इंजेक्शन की जरूरत बताई। जिग्नेश ने इंजेक्शन के कीमत के बारे में पूछा तो शख्स ने कहा कि प्रति इंजेक्शन रु. 7000 में मिलेगा। शख्स ने जिग्नेश को सूरत के अठवा गेट के पास बुलाकर रु. 42000 लेकर शख्स ने इंजेक्शन दे दिए थे। गौरतलब है कि हेट्रो कंपनी का रेमडेसिवीर इंजेक्शन पाउडर फार्म में आता है, परंतु जिग्नेश को जो इंजेक्शन मिले थे वह लिक्विड फार्म में थे। जिग्नेश ने पुलिस में शख्स के खिलाफ तहरीर्र दर्ज करवायी। सरथाणा पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए शख्स को गिरफ्तार कर लिया।

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