सर्तकता: सूरत में महाराष्ट्रियन क्षेत्र में इस कारण बढ़ायी कोरोना टेस्टिंग

देश में तीसरी लहर की संभावना के बीच अन्य राज्यों के बाद अब गुजरात में दो डेल्टा प्लस वेरिएंट के मामले सामने आए है। जिसमें में एक केस सूरत में सामने आने से सूरत मनपा प्रशासन सर्तक हो गया। महाराष्ट्र मेें पाए गए डेल्टा प्लस वेरिएंट के केसों में उनकी ट्रैवल हिस्ट्री सूरत होने की पृष्टि हुई थी। जिसके कारण सूरत महानगरपालिका ने सूरत के महाराष्ट्रीयन लोगों की तादाद वाले और जहां महाराष्ट्र से आनेï- जाने वालों की संख्या ज्यादा होती है ऐसे क्षेत्र में टेस्टिंग तेज कर दी है। लिंबायत सहित महाराष्ट्रीयन इलाकों में पाए जाने वाले कोरोना पॉजिटिव केस के सेम्पल पूने लेब में भेजे जाएंगे।

गौरतलब है कि स्मीमेर मेडिकल कॉलेज में द्वितीय वर्ष के छात्र में डेल्टा प्लस वैरिएंट मिलने पर मनपा की स्वास्थ्य प्रशासन हरकत में आया गया। 22 वर्षीय छात्र को अप्रैल में कोरोना हुआ था। 10 अप्रैल को युवक के सेम्पल जीनोम सिक्ïवनसिंग के लिए पूने लेब में भेजे गए। जिसमें डेल्टा प्लस वेरिएंट की पुष्टि हुई। जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है, उन्हें आशंकïा है कि डेल्टा प्लस वेरिएंट के और केस हो सकते है, लेकिन अभी तक अन्य केस नहीं मिला है।

सूरत में जीनोम सिक्ïवसिंग लैबोरटी व्यवस्था की तैयारी शुरू

आईएमआर में 20 दिन पहले से लिखित मंजूरी मांगने की प्रक्रिया पूरïी हो चुकी है। मंजूरी मिलने के साथ ही लैबोरेटरी शुरू हो सकती है। सूरत महानगरपालिका आयुक्त बंछनिधि पाणि ने कहा कि उच्च मानक सुरक्षा की आवश्यकता जीनोम सिक्वसिंग लैबोरेटरी शुरू के लिए होती है। हम वीर नर्मद साउथ गुजरात यूनिवर्सिटी की लैब और अस्पताल की लैब में शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। आने वाले दिनों में निजी अस्पतालों की लैबोरेटरी में भी इस व्यवस्था को शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।

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