कोरोना मरीजों को कब मिलेगा रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत से छूटकारा?

सूरत शहर जिले में कोरोना की स्थिति गंभीर है। प्रशासन के प्रयास के बावजूद रोजाना 1200 से ज्यादा मरीज दर्ज हो रहे है। जिसके कारण मरीजों को अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहे है। इतना ही नहीं जरूरी दवाओं की भी किल्लत है। कोरोना में कारगर रेमडेसिविर इंक्जेशन के लिए लोग धक्का खा रहे है। फिर भी इंजेक्शन नहीं मिल रहा है।

मंगलवार से नई सिविल अस्पताल में 12 खिड़कियों पर रेमडेसिविर इंजेक्शन वितरण किया जा रहा है। कोरोना के मरीजों की संख्या अधिक होने से इंजेक्शन की मांग बढ़ी। मंगलवार को प्रशासन की ओर से 2500 इंजेक्शन की व्यवस्था सूरत के लिए की गई थी। मरीजों को ऑनलाइन मेल करने के साथ ही जिला कलेक्टर को अप्रूवल लेने की प्रोसीजर भी बंद कर दी गई है। नए नियम के मुताबिक मरीज को इंजेक्शन के लिए पेपर और डॉक्यूमेंट लेकर किसी को भेजना पड़ेगा। कलेक्टर के चार से पांच अधिकारी डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन करेंगे।

सिविल के आरएमओ ने बताया कि निजी अस्पताल में भर्ती मरीज के परिवार जनों को सरलता से इंजेक्शन मिले इसलिए डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की पांच खिड़की तथा तीन केस काउंटर और तीन खिड़कियों पर इंजेक्शन देने की व्यवस्था की गई है। बुधवार को फिर से 2500 से 3000 इंजेक्शन की व्यवस्था किए जाने से कोरोना मरीज के परिवारों को और राहत होगी।

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