
सूरत के 8 लाख रत्नकलाकारों को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना में शामिल किया जाए : जीजेईपीसी
टेक्सटाइल और रेल मंत्री दर्शना जरदोश से लगाई गुहार
जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) ने देश के हीरा उद्योग में काम करने वाले रत्नकलाकारों को विशिष्ट पहचान देने के लिए अहमद कदम उठाया है। जीजेईपीसी माननीय रेल एवं कपड़ा राज्य मंत्री दर्शनाबेन जरदोश से गुहार लगाई कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान के तहत हीरा उद्योग से जुड़े रत्नकलाकारों को भी शामिल किया जाना चाहिए।
विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण कारीगरों के लिए प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना प्रतिभाओं को सशक्त बनाने और पहचानने के लिए बनाया गया। जबकि हीरा उद्योग में सुवर्णकारों को इस कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल किया गया है। जबकि हीरा उद्योग में रत्नकलाकारों को इससे बाहर रखा गया। इस फासले को दूर करने और रत्नकलाकारों को अहम पहचान देने जीजेईपीसी के समिति सदस्य दिनेश नावडिया सहित जीजेईपीसी के प्रतिनिधियों ने मंत्री से मुलाकात की।
प्रतिनिधियों द्वारा यह प्रस्तुत किया गया कि सूरत सहित विभिन्न राज्य में रत्न कलाकार हीरा उद्योग में काम करते हैं। यह उद्योग लगभग आठ लाख से अधिक कारीगरों को रोजगार देता है। अर्थव्यवस्था में इसका महत्वपूर्ण योगदान है। जीजेईपीसी की पेशकश पर दर्शना जरदोश ने सकारात्मक रवैया दर्शाया और इस पर तत्काल कदम उठाये जाने का आश्वासन दिया।