
डीएमडी टेक्सटाइल मार्केट में शुल्क वृद्धि को लेकर पार्सल ढुलाई मजदूर की हड़ताल
सूरत का कपड़ा बाजार पर कोरोना का ग्रहण के चलते कारोबार पर गहरा असर पड़ा है। वहीं दिनोंदिन बढ़ रही महंगाई के मार से श्रमिक वर्ग की कमर टूट गई है। पिछले कई सालों से मजदूरी में वृद्धि नहीं किए जाने से पार्सल ढुलाई मजदूर हड़ताल करने के लिए मजबूर है। सूरत के सारोली स्थित डीएमडी टेक्सटाइल मार्केट के पार्सल ढुलाई मजदूर पिछले दो दिन से हड़ताल पर हैं। इस कारण मार्केट परिसर में पार्सलों का कामकाज ठप्प हो गया।

कपड़ा मजदूर यूनियन के अध्यक्ष उमाशंकर मिश्रा व प्रवक्ता शान खान ने बताया कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए मार्केट में पिछले 4 वर्षों से पार्सल ढुलाई शुल्क में वृद्धि नहीं हुई हैं। हमारी प्रति पार्सल 25-35 रूपए वृद्धि किए जाने की मांग है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई निरंतर वृद्धि हो रही है। जिसको देखते हुए शुल्क वृद्धि करना बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि मजदूर यूनियन की ओर से मार्केट प्रबंधन को पिछले 08 मार्च व 22 मार्च को लिखित पत्र भेजकर भाव वृद्धि करने का अनुरोध किया गया था। जिस पर मार्केट प्रबंधन की ओर से कोई भी उचित कदम नहीं उठाया गया। जिससंतोषजनक उत्तर न मिलने पर मार्केट के पार्सल ढुलाई करने वाले लगभग एक हजार मजदूरों ने स्वैेच्छिक हड़ताल कर काम बंद किया हैं।
10 प्रतिशत व्यापारी हुए राजी
पिछले चार सालों से पार्सल ढुलाई शुल्क में वृद्धि नहीं किए जाने से मजदूर हड़ताल पर उतर गए है। उनकी मांग है कि 25-35 रूपए की शुल्क वृद्धि की जाए। कपड़ा मजदूर यूनियन के अध्यक्ष उमाशंकर मिश्रा व प्रवक्ता शान खान ने बताया कि फिलहाल 10 प्रतिशत व्यापारी शुल्क वृद्धि के लिए राजी हो गए है, जिसके कारण उनका पार्सल ढुलाई का कार्य फिर से शुरू किया गया है। हड़ताल का असर व्यापार पर हो सकता है। गौरतलब है कि ऑर्डर समय पर नहीं पहुंचेगा तो कपडा बाजार को और नुकशान हो सकता है।



