
सर एच.एन. रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल ने सूरत में 70 से अधिक लिवर ट्रांसप्लांट किए
10 से अधिक ट्रांसप्लांट के लिए तैयार मरीजों का केवल दवाओं से सफल उपचार किया
सूरत, 18 जनवरी, 2026: उन्नत लिवर ट्रांसप्लांट देखभाल तक पहुंच को बेहतर बनाने और लिवर रोगों के बढ़ते बोझ के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सर एच.एन. रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल, मुंबई ने सूरत एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए 70 से अधिक लिवर ट्रांसप्लांट कर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। इसके साथ ही अस्पताल ने ऐसे 10 से अधिक गंभीर मामलों में भी मरीजों की जान बचाई, जो ट्रांसप्लांट के लिए तैयार थे, लेकिन केवल दवाओं के माध्यम से सफलतापूर्वक उनका उपचार किया गया।
यह कार्यक्रम सर एच.एन. रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल के हेल्थकेयर इनिशिएटिव्स के ग्रुप सीईओ एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. तरंग ज्ञानचंदानी के नेतृत्व में संचालित किया गया। इस पहल में हेपेटोलॉजी के निदेशक डॉ. आकाश शुक्ला, लिवर ट्रांसप्लांट एवं एचपीबी सर्जरी के निदेशक डॉ. रवि मोहंका तथा लिवर ट्रांसप्लांट एवं एचपीबी सर्जरी के सह-निदेशक डॉ. गौरव गुप्ता सहित अत्यंत अनुभवी एवं प्रतिष्ठित चिकित्सकों की टीम ने भाग लिया। इस टीम ने सूरत के निवासियों को विश्व-स्तरीय लिवर ट्रांसप्लांट और हेपेटोलॉजी देखभाल उपलब्ध कराई।
शहर में विश्व-स्तरीय लिवर ट्रांसप्लांट अवसंरचना लाने के लिए सर एच.एन. रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल ने किरण अस्पताल, एसआईडीएस (सूरत इंस्टीट्यूट ऑफ डाइजेस्टिव साइंसेज) अस्पताल और महावीर अस्पताल सहित सूरत स्थित कई स्वास्थ्य संस्थानों के साथ सहयोग किया। इस साझेदारी से सर्जरी और पोस्ट-ट्रीटमेंट देखभाल के लिए मरीजों और उनके परिवारों को दूसरे शहरों की यात्रा करने की चिंता से राहत मिली। इसके अतिरिक्त, अस्पताल ने सूरत के कुछ चिकित्सकीय रूप से जटिल मामलों में तीन लिवर ट्रांसप्लांट भी किए, जिन मरीजों को उपचार एवं देखभाल के लिए मुंबई केंद्र लाया गया था।
यह पहल विभिन्न आयु वर्गों में बढ़ते लिवर रोगों की चुनौतियों से निपटने और मुंबई से बाहर उन्नत चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के प्रति अस्पताल की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है, ताकि जीवनरक्षक ट्रांसप्लांट सेवाओं की पहुंच और अधिक लोगों तक सुनिश्चित की जा सके।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि अधिकांश लिवर ट्रांसप्लांट मृतक दाताओं के माध्यम से किए जाते हैं, जो जीवित दाता लिवर ट्रांसप्लांट में परिवार के सहयोग की अहम भूमिका को रेखांकित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि गंभीर लिवर संबंधी स्थितियां अब वयस्कों के साथ-साथ बच्चों में भी बढ़ रही हैं, जिसका कारण बदलती जीवनशैली और आनुवंशिक कारक हैं।
अस्पताल के व्यापक उद्देश्य पर बात करते हुए सर एच.एन. रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल के हेल्थकेयर इनिशिएटिव्स के ग्रुप सीईओ एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. तरंग ज्ञानचंदानी ने कहा,“भारत की अग्रणी स्वास्थ्य सेवा संस्थाओं में से एक के रूप में, हम पूरे देश में चिकित्सकीय उत्कृष्टता और सशक्त सामुदायिक जागरूकता के माध्यम से लिवर देखभाल को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सूरत में हासिल किया गया यह मील का पत्थर हमारी प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है। मैं किरण अस्पताल, एसआईडीएस अस्पताल और महावीर अस्पताल सहित हमारे सूरत स्थित भागीदार स्वास्थ्य संस्थानों को बधाई देता हूं, जिन्होंने शहर में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा को सुलभ बनाने के लिए हमारे साथ सहयोग किया। साथ ही, इस उपलब्धि को संभव बनाने वाले सभी डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों सहित पूरी मेडिकल टीम को भी बधाई देता हूं, जिन्होंने अनेक लोगों की जान बचाई है। हमारा उद्देश्य लोगों को पूर्व-सक्रिय कदम उठाने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और सबसे महत्वपूर्ण रूप से जीवन बचाने के लिए अंगदान के लिए आगे आने हेतु प्रेरित करना है।”
मीडिया को संबोधित करते हुए सर एच.एन. रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल के हेपेटोलॉजी निदेशक डॉ. आकाश शुक्ला ने कहा, “हमारा लक्ष्य उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं को महानगरों से बाहर भी सुलभ बनाना है। सूरत के मरीजों को स्वस्थ दाताओं और विश्व-स्तरीय सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए हमें संदर्भित किया गया था। मरीजों को अच्छी तरह स्वस्थ होते और उपचार के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया देते देखना अत्यंत संतोषजनक रहा। हम सूरत के नागरिकों के सर्वोत्तम हित में इन सेवाओं को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। स्थानीय डॉक्टरों और अंगदान के क्षेत्र में कार्यरत एनजीओ का सहयोग और उत्साह इस कार्यक्रम की सफलता में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।”
लिवर रोगों की बढ़ती घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए सर एच.एन. रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल के लिवर ट्रांसप्लांट एवं एचपीबी सर्जरी निदेशक डॉ. रवि मोहंका ने कहा, “हमने देखा है कि लिवर रोग अब पहले की तुलना में कम उम्र में ही सामने आ रहे हैं। साथ ही, अंगदान के मामले में सूरत एक अग्रणी शहर के रूप में उभर रहा है। इन दोनों ही परिस्थितियों में, विश्व-स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर निदान और जीवनरक्षक हस्तक्षेप सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। सूरत में लिवर ट्रांसप्लांट कार्यक्रम इसी दिशा में सर एच.एन. रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल के प्रयासों का परिणाम है।”
इस बात का समर्थन करते हुए लिवर ट्रांसप्लांट एवं एचपीबी सर्जरी के सह-निदेशक डॉ. गौरव गुप्ता ने कहा, “हर ट्रांसप्लांट केवल एक चिकित्सकीय सफलता नहीं है, बल्कि यह निस्वार्थता और साहस की कहानी भी है, जहां परिवार अपने प्रियजनों को जीवन का दूसरा अवसर देने के लिए एकजुट होते हैं। यह हमें याद दिलाता है कि स्वास्थ्य सेवा का मूल भाव करुणा में निहित है। लोगों के लिए ट्रांसप्लांटेशन के महत्व को समझना आवश्यक है, ताकि वे बेहतर और स्वस्थ जीवन जी सकें।”



