
सूरत में AAC ब्लॉक्स अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि एक ज़िम्मेदार भविष्य का नया स्टैंडर्ड बनते जा रहे हैं
स्मार्ट वॉल रिवोल्यूशन – सूरत की नई हाई-राइज़ इमारतें लाल ईंटों की जगह AAC ब्लॉक्स क्यों अपना रही हैं?
सूरत | 08 फ़रवरी 2026: जैसे-जैसे सूरत भारत के सबसे तेज़ी से विकसित होते स्मार्ट सिटी के रूप में उभर रहा है, वैसे-वैसे कंस्ट्रक्शन साइट्स पर एक नया मटीरियल अपनी मज़बूत पहचान बना रहा है। लाल ईंटें, जो सदियों से भारतीय निर्माण की पहचान रही हैं, अब एक नेक्स्ट-जेनरेशन मटीरियल से प्रतिस्थापित हो रही हैं — ऑटोक्लेव्ड एरेटेड कंक्रीट (AAC) ब्लॉक्स। साल 2026 में जब निर्माण गतिविधियाँ तेज़ी पर हैं, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स इस बदलाव को “मटीरियल अपग्रेड” कह रहे हैं। वेसु के हाई-राइज़ रेसिडेंशियल टावर्स से लेकर डुमस के कमर्शियल डेवलपमेंट्स तक, डेवलपर्स तेज़ निर्माण, सस्टेनेबिलिटी और बेहतर परफॉर्मेंस को ध्यान में रखते हुए बड़े पैमाने पर AAC ब्लॉक्स का उपयोग कर रहे हैं। आज सूरत में AAC ब्लॉक्स केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि एक ज़िम्मेदार भविष्य का नया मानक बनते जा रहे हैं।
जिस शहर में गर्मियों में तापमान 40°C से ऊपर चला जाता है, वहाँ घर के अंदर ठंडा वातावरण अब लक्ज़री नहीं बल्कि आवश्यकता बन चुका है। डेवलपर्स का कहना है कि AAC ब्लॉक्स से निर्मित इमारतों में अंदर का तापमान लगभग 5°C तक ठंडा रहता है, जिससे एयर-कंडीशनिंग का बिजली बिल करीब 30% तक कम हो जाता है। AAC ब्लॉक्स कई महत्वपूर्ण फायदे प्रदान करते हैं। एक AAC ब्लॉक जहाँ 9 ईंटों के बराबर आकार का होता है, वहीं उसका वजन केवल एक-तिहाई होता है। 43dB साउंड इंसुलेशन रेटिंग के कारण बाहर का शोर घर के अंदर नहीं आता और 4 घंटे तक की फायर रेज़िस्टेंस इसे निवासियों के लिए बेहद सुरक्षित बनाती है।
रूंगटा डेवलपर्स के अंकुर रूंगटा ने कहा, “हम सिर्फ घर नहीं बेचते, हम घर के भीतर ठंडा तापमान और मानसिक शांति भी बेचते हैं। 2026 में दीवारें केवल पार्टिशन नहीं हैं — वे तापमान, शोर और बढ़ती ऊर्जा लागत के खिलाफ एक हाई-परफॉर्मेंस फिल्टर हैं।”
नया घर खरीदने वाले लोगों में AAC ब्लॉक्स को लेकर कुछ सामान्य गलतफहमियाँ देखने को मिलती हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है।
• गलतफहमी: AAC ब्लॉक्स हल्के होते हैं, इसलिए कमज़ोर होते हैं।
सच्चाई: ये IS 2185 (Part 3) मानकों के अनुसार बनाए जाते हैं और लगभग 4 N/mm² की कंप्रेसिव स्ट्रेंथ प्रदान करते हैं, जो हाई-राइज़ इमारतों के लिए पूरी तरह उपयुक्त है।
• गलतफहमी: AAC ब्लॉक्स की दीवारें पानी सोख लेती हैं।
सच्चाई: इसकी छिद्रयुक्त संरचना नमी और क्षार को रोकती है, जिससे घर के पेंट की उम्र अधिक होती है।
• गलतफहमी: भारी वस्तुएँ दीवार पर नहीं टिक सकतीं।
सच्चाई: सही और उपयुक्त डैश फास्टनर्स का उपयोग करने पर TV, AC यूनिट और किचन कैबिनेट जैसी भारी वस्तुएँ आसानी से और सुरक्षित रूप से लगाई जा सकती हैं।



