
गच्छाधिपति पदप्रदान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल
आचार्य विजय यशोवर्म सूरीश्वरजी को यशतिलक कर लिया आशीर्वाद, ‘श्रद्धेय गुरुदेवश्री’ पुस्तक का विमोचन
सूरत। वेसु स्थित बलर फार्म में आयोजित आचार्य भगवंत विजय यशोवर्म सूरीश्वरजी महाराज के गच्छाधिपति पदप्रदान समारोह में रविवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सहभागिता की। इस अवसर पर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल तथा गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त गच्छाधिपति के मस्तक पर विजय तिलक कर मंगलकामनाएं दीं और आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सार्वजनिक जीवन में अनेक कार्यक्रमों में जाने का अवसर मिलता है, किंतु कुछ अवसर आत्मिक सुख प्रदान करने वाले होते हैं। यह समारोह भी ऐसा ही प्रेरणादायी और आत्मसंतोष देने वाला अवसर है।

उन्होंने आचार्य यशोवर्म सूरीश्वरजी के 63 वर्ष के सफल दीक्षा जीवन को संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। वर्ष 1965 में अल्पायु में दीक्षा ग्रहण कर उन्होंने देशभर में भ्रमण करते हुए समाज को संस्कारित और मार्गदर्शित करने का कार्य किया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आचार्यश्री ने बच्चों, युवाओं और परिवारों के लिए विभिन्न शिविरों का आयोजन कर समाजसेवा और समाज सुधार की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
उन्होंने संयमित जीवन को स्थायी सुख का मार्ग बताते हुए नागरिकों से धर्म और संस्कारों से जुड़े रहने का आह्वान किया।इस अवसर पर पूर्व गच्छाधिपति अभयदेव सूरीश्वर महाराज ने वैदिक विधि-विधान के साथ मंत्रोच्चार कर नव गच्छाधिपति को पद प्रदान किया। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों ने आचार्य यशोवर्म सूरीश्वरजी के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘श्रद्धेय गुरुदेवश्री’ का विमोचन भी किया।
गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि सूरत की पावन भूमि को ऐसे आध्यात्मिक नेतृत्व का लाभ मिलना गौरव की बात है। आचार्यश्री ने न केवल जैन समाज, बल्कि अन्य समाजों को भी सकारात्मक दिशा देने का कार्य किया है।समारोह में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, जैन मुनियों एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।



