
सूरत के कपड़ा व्यापारिक संगठन फेडरेशन ऑफ सूरत ट्रेड एन्ड टेक्सटाइल एसोसिएशन ने मिलेनियम मार्केट प्रांगण में यूएस टैरिफ में कटौती और यूरोप एफटीए की मिठाई बांटकर खुशी मनई।
फोस्टा अध्यक्ष कैलास हाकिम ने बताया कि व्यापारियों के इस जश्न के पीछे केंद्र सरकार और वैश्विक स्तर पर लिए गए तीन बड़े निर्णय हैं, जिन्हें देश की अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर माना जा रहा है। यूरोप के साथ मुक्त व्यापार समझौता होने से भारतीय टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर को यूरोपीय बाजारों में सीधी और आसान पहुंच मिलेगी। अमेरिका द्वारा प्रस्तावित टैरिफ को 50% से घटाकर 18% तक सीमित करने का फैसला भारत के एक्सपोर्ट सेक्टर के लिए संजीवनी साबित होगा।

फोस्टा के पदाधिकारियों ने बताया कि यूरोप के साथ हुए एफटीए के कारण टेक्सटाइल क्षेत्र में लगने वाला 9 से 12 प्रतिशत आयात शुल्क अब समाप्त हो जाएगा। इससे भारतीय उत्पाद यूरोपीय देशों में अन्य देशों के मुकाबले सस्ते और प्रतिस्पर्धी बनेंगे, जिससे निर्यात को अभूतपूर्व गति मिलेगी। विशेष रूप से सूरत के गारमेंट और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए यह दीर्घकालिक लाभ का सौदा है।



