धर्म- समाज

आप धर्म की रक्षा करेंगे, तो धर्म आपकी रक्षा करेगा : पू. पद्मदर्शनसूरिजी महाराज

शिवकार्तिक अपार्टमेंट के गृह जिनालय में शांतिधारा अभिषेक

सूरत। शहर के वेसू में शिवकार्तिक अपार्टमेंट के गृह जिनालय में शांतिधारा अभिषेक समारोह में जैनाचार्य पू. पद्मदर्शनसूरिजी महाराज ने कहा, अगर आप धर्म की रक्षा करेंगे, तो धर्म आपकी रक्षा करेगा। अगर आप किसी भी विपरीत परिस्थिति में अनन्य विश्वास के साथ धर्म को अपनाते हैं, तो आप सभी विपत्तियों से छुटकारा पा लेते हैं। आज लोग बाजार की हर चीज को ‘ब्रांडेड’ चाहते हैं। ठीक वैसे ही, कमजोर व्यक्ति का भला नहीं होता। जीवन को भी ‘ब्रांडेड’ बनाना चाहिए। जीवन के क्षेत्र में दोषों को जलाना जरूरी है। अगर व्यक्ति धन पाने के लिए उतना ही प्रयास करे जितना वह पुण्य पाने के लिए करता है, तो जीवन स्वर्ग बन जाएगा। आपकी नजर जहां भी पड़ती है, आपको अच्छा ज्यादा दिखता है या बुरा? पहले यह तय करें। अगर आपको अच्छा देखने की आदत है, तो आप अच्छे बन जाएंगे, लेकिन अगर आपको बुरा देखने की आदत है, तो आप बुरे हीं रहेंगे।

अपना नजरिया बदलने की जरूरत है। आप दुनिया को जैसा देखेंगे, वैसा ही देखेंगे। दुष्ट व्यक्ति जहां भी जाएगा, उसे सब कुछ बुरा ही दिखेगा। एक अच्छा इंसान बुरी जगह पर भी जाए तो भी अच्छाई ढूंढ ही लेता है। हंस दूध और पानी भी पीता है तो भी दूध ही पीता है क्योंकि उसकी चोंच खास होती है। हम ऐसा क्यों नहीं कर सकते? कोयल जहां भी जाती है, तारीफ होती है और कौआ जहां भी जाता है, उसे पत्थर खाने पड़ते हैं। समाज में दोनों तरह के लोग होते हैं। अच्छे विचारों वाले लोग न सिर्फ समाज में बल्कि हर जगह पॉपुलर हो जाते हैं। बुरे विचारों वाले लोगों से कोई बात करने को तैयार नहीं होता।

ऊंची रोशनी के रास्ते पर पहुंचने के लिए नजरिया बदलना जरूरी है। जिंदगी के हर फील्ड में बदलाव लाना जरूरी है। पश्चिम की तूफानी हवाओं ने आर्यन भाषा, पहनावा, विनम्रता, प्यार, दोस्ती वगैरह के उसूलों को उड़ा दिया है। जिस तरह घड़ी की सुइयां चल रही हैं, इंसान भी उसी तरह चल रहा है। इस गलत रास्ते ने न सिर्फ जिंदगी में नुकसान पहुंचाया है बल्कि भारतीय संस्कृति की नींव को भी खत्म कर दिया है। अगर आप अभी नहीं रुके तो आपको इसके बुरे नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहना होगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button