धर्म- समाज

भव्य प्रवेश : सूरत शहर गच्छाधिपतिपाद की सांझी से गूंज उठा

सूरत। अकल्पनीय आनंद के साथ गच्छाधिपति के रूप में विराजमान होने वाले भक्त गच्छाधिपति आचार्य श्री अभयदेवसूरीश्वरजी महाराज ने सूरत शहर में अपनी अमिट छाप छोड़ी। आचार्य श्री यशोवर्मसूरीश्वरजी महाराज, पु. आ.रत्नचंद्र  वरबोधिसु. म.,  वीरयशसु. म., पू. आ. अजितयशसु. म., पू. आ. पूर्णचंद्रसु. म., पू. आ. मोक्षरत्नसु. म., पू. आ. भाग्ययशसु. म., पू. आ. दर्शनयशसु., पु. आ. वीतरागयशसु. म., पु. आ. भव्यशसु. म., पु. आ. हृंकारायशसु. म., पु. अ. संस्कारायशसु. म. वगैरह 14-14 आचार्य भगवंत 500 साधु-साध्वियों के बड़े समुदाय के साथ बड़ी शान से शाही मंडपों से भरे, गुरुलब्धि साम्राज्य शहर वेसु सूरत ने युवाओं के नाचते-गाते बड़े पब्लिक चौक में एंट्री की और शहर का उद्घाटन किया।

लाभार्थी परिवार के लिए क्रियामंडप का उद्घाटन किया, सूरत महासंघ-महाजन ओंकारसूरी आराधना भवन वेसु ट्रस्ट बोर्ड द्वारा ऋषभ प्रसाद का उद्घाटन किया। जब सभी के मन में उत्साह था। 23 गच्छाधिपति परिवारों की दिल से निकली भावनाओं ने सभी को आंसुओं और हैरानी से भर दिया।

2500 साल पहले के समवसरण की नकल, यहां बनी एक आर्ट गैलरी के साथ इस अद्भुत रचना का भव्य उद्घाटन किया गया। सूरत के कोने-कोने से 108 से ज़्यादा महिला ग्रुप इकट्ठा हुए। हज़ारों बहनों ने एक साथ सांझी गाकर पूरे सूरत को झूमने पर मजबूर कर दिया। पूरे सूरत में इसे ज़बरदस्त पसंद किया जा रहा है। लोग इस शानदार प्रोग्राम में भागे चले आ रहे हैं। पूरे देश से लोग, एसोसिएशन और भक्त आ रहे हैं। यह शानदार मौका यादगार है। हर जगह से मशहूर कलाकारों को बुलाया गया है। गच्छाधिपति टाइटल ने एक के बाद एक बेहतरीन और अनोखा काम करके सूरत शहर में नई जान डाल दी है। आज के प्रोग्राम में 900 वॉल्यूम का पहला पाठ होगा।

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