
मिडिल ईस्ट संकट से सूरत कपड़ा व्यापारियों में बढ़ी चिंता
मिडिल ईस्ट में जारी संकट का असर अब सूरत के प्रमुख कपड़ा बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। बढ़ती अनिश्चितता, कच्चे माल और ईंधन की कीमतों में उछाल के चलते बाजार में अस्थिरता का माहौल बन गया है, जिससे व्यापारी वर्ग चिंतित नजर आ रहा है।
इसी परिप्रेक्ष्य में आढ़तिया एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रहलाद अग्रवाल द्वारा राजहंस इंपीरिया में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में व्यापारियों ने मौजूदा परिस्थितियों को गंभीर बताते हुए कहा कि जैसे जल के बिना जीवन और पेट्रोल-डीजल के बिना देश की अर्थव्यवस्था नहीं चल सकती, उसी प्रकार मौजूदा हालात में व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
बैठक में बताया गया कि बढ़ती लागत के कारण बाजार में असमंजस की स्थिति बन गई है। इसका सीधा असर सूरत की उत्पादन इकाइयों पर पड़ रहा है। सबसे बड़ी चिंता श्रमिकों के पलायन को लेकर जताई गई, जो उद्योग के लिए एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है। व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बैठक में कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए। विशेष रूप से ओपन रेट पॉलिसी अपनाने पर जोर दिया गया, ताकि बाजार में पारदर्शिता बनी रहे। इसके साथ ही आढ़तिया एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि जिन व्यापारियों का भुगतान रिकॉर्ड खराब है या जो ब्लैकलिस्टेड हैं, उन्हें कपड़ा सप्लाई न किया जाए।



