
आंतरिक और बाह्य रूप से सुंदर ही परमात्मा का प्रिय पात्र: संत सुधांशु जी महाराज
रामलीला मैदान में दीप प्रज्ज्वलन के साथ चार दिवसीय विराट भक्ति सत्संग महोत्सव का शुभारंभ
गुजरात की डायमंड सिटी सूरत में विश्व जागृति मिशन बाल आश्रम के तत्वावधान में रामलीला मैदान में चार दिवसीय विराट भक्ति सत्संग महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। महोत्सव का शुभारंभ विश्व जागृति मिशन के परमाध्यक्ष पूज्य आचार्य श्री सुधांशु जी महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी एवं उद्योगपति पंकज कापड़िया, सूरत महानगर पालिका के उपमहापौर डॉ. नरेन्द्र पाटिल तथा मंडल प्रधान गोविन्दभाई डांगरा ने गुरुदेव का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
इस अवसर पर पूज्य आचार्य सुधांशु जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि जो व्यक्ति आंतरिक और बाह्य दोनों रूप से सुंदर होता है, वही परमात्मा का प्रिय पात्र बनता है। जब तक जीवन में रस और आनंद नहीं होता, तब तक सच्ची सुंदरता संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सदैव आनंद और मुस्कान से परिपूर्ण रहना चाहिए, ठीक उसी तरह जैसे एक खिला हुआ गुलदस्ता।
आचार्य श्री ने कहा कि जीवन को हरा-भरा रखने के लिए परमात्मा से निरंतर जुड़े रहना आवश्यक है। भगवान से जुड़कर प्रतिदिन शांति का अनुभव करें, संसारिक कोलाहल से दूर होकर अपने आराध्य से संवाद करें और उनकी कृपा को महसूस करें। इससे आत्मिक तृप्ति के साथ जीवन में नया एहसास उत्पन्न होता है। उन्होंने यह भी कहा कि जब किसी व्यक्ति पर गुरु और परमात्मा की कृपा हो जाती है, तब वह साधारण से असाधारण बन जाता है।
विश्व जागृति मिशन बाल आश्रम के समन्वयक आचार्य रामकुमार जी ने बताया कि बाल आश्रम द्वारा अनाथ बच्चों के भविष्य को संवारने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष विराट सत्संग महोत्सव का आयोजन किया जाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे इस भक्ति सत्संग से जुड़कर स्वयं को धन्य करें और अपने परिवार को सनातन संस्कृति से जोड़ते हुए सेवा कार्यों में सहयोग के लिए आगे आएं।



