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सैमसंग इनोवेशन कैंपस: हैदराबाद के 450 युवाओं ने संवारा अपना और देश का डिजिटल भविष्य

हैदराबाद, 06 जनवरी 2026: भारत के कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की अग्रणी कंपनी, सैमसंग ने अपने महत्वाकांक्षी कौशल विकास अभियान ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’ (एसआईसी) के माध्यम से देश के युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। हैदराबाद स्थित एनएसआईसी (एनएसइाईसी) टेक्निकल सर्विस सेंटर में आयोजित एक गरिमापूर्ण दीक्षांत समारोह के दौरान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कोडिंग एवं प्रोग्रामिंग में महारत हासिल करने वाले 450 मेधावी छात्रों को समारोहपूर्वक प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। सैमसंग की यह पहल भारत में एक ‘फ्यूचर-रेडी’ डिजिटल कार्यबल तैयार करने के उसके अटूट संकल्प को और अधिक सुदृढ़ करती है।

‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’ दरअसल युवाओं को समकालीन उद्योग की जटिल ज़रूरतों के अनुरूप अत्याधुनिक तकनीकी कौशल से सुसज्जित करने का एक वैश्विक मंच है। यह कार्यक्रम न केवल व्यवस्थित प्रशिक्षण प्रदान करता है, बल्कि व्यावहारिक अनुभव और परिणाम-आधारित प्रोजेक्ट्स के माध्यम से छात्रों की व्यावसायिक सक्षमता को उस स्तर पर ले जाता है, जहाँ वे आज की प्रतिस्पर्धी डिजिटल अर्थव्यवस्था में अपनी एक अलग पहचान बना सकें।

तकनीक और कौशल का नया संगम: हैदराबाद

प्रमाणपत्र वितरण समारोह की शोभा बढ़ाते हुए एनएसआईसी हैदराबाद के सेंटर हेड, श्री राजीवनाथ ने सफल छात्रों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि भारत के डिजिटल कायाकल्प के विराट लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवाओं के कौशल विकास में निरंतर निवेश करना राष्ट्र निर्माण की दिशा में सबसे प्रभावी कदम है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष हैदराबाद में दीक्षित हुए 450 छात्रों के इस समूह में से 100 छात्रों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जटिल गुर सीखे, जबकि 350 छात्रों को कोडिंग एवं प्रोग्रामिंग की बारीकियों में पारंगत किया गया। यह संपूर्ण प्रशिक्षण एक ऐसे सुनियोजित पाठ्यक्रम के तहत दिया गया, जहाँ किताबी सिद्धांतों के बजाय वास्तविक व्यावहारिक अनुप्रयोगों और उद्योग की समकालीन मांगों पर ध्यान केंद्रित किया गया।

समावेशी विकास और सशक्त भारत का निर्माण

हैदराबाद का यह कार्यक्रम सैमसंग की उस व्यापक सामाजिक प्रतिबद्धता का अभिन्न अंग है, जिसके तहत वर्ष 2025 में देशभर के 20,000 युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। भारत सरकार के ‘स्किल इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसे दूरदर्शी अभियानों के साथ कदमताल करते हुए, सैमसंग इनोवेशन कैंपस देश में मौजूद ‘स्किल गैप’ को पाटने और नवाचार की संस्कृति को हर युवा के सपनों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

इस कार्यक्रम की एक और विशिष्ट पहचान इसकी ‘समावेशी दृष्टि’ है। राष्ट्रीय स्तर पर इस अभियान में 42% महिलाओं की भागीदारी दर्ज की गई है, जो तकनीक के क्षेत्र में लैंगिक समानता की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव है। इसके अतिरिक्त, टियर-2, टियर-3 शहरों और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक अपनी सक्रिय पहुँच बनाकर सैमसंग ने यह सुनिश्चित किया है कि विश्वस्तरीय तकनीकी शिक्षा पर केवल महानगरों का अधिकार न रहे, बल्कि समाज के हर तबके के प्रतिभावान युवाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हों।

भविष्य की मांग के अनुरूप डिजिटल कौशलों का विस्तार करके और उद्योगों के लिए तैयार प्रतिभाओं को तराशकर, सैमसंग इनोवेशन कैंपस भारत की ‘फ्यूचर-टेक टैलेंट पाइपलाइन’ को नई शक्ति प्रदान कर रहा है। यह पहल आत्मनिर्भर और डिजिटल रूप से सशक्त भारत की गौरवमयी यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रही है।

 

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