
सूरत : जोलवा में परप्रांतीय परिवार बच्चों को घर में बंद कर काम पर जाने के लिए मजबूर! , जानें वजह
हर किसी को अपने बच्चे जान से भी प्यारे होते है। अभिभावक अपने बच्चों के लिए हमेशा चितिंत रहते है। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव प्रयास करते है। कड़ी मेहनत करके उनका लालन-पालन करते है। लेकिन सूरत के जोलवा में अभिभावक अपने बच्चे को घर में बंद करके काम पर जा रहे है।
आप सोच रहे होंगे कि ऐसा कोई बच्चों के साथ करता है भला? लेकिन इसके पीछे खास वजह है। क्योंकि पिछले दिनों जोलवा में मासूम बच्ची से दुष्कर्म कर हवसखोर ने बच्ची को मौत के घाट उतार दिया था। इस घटना के बाद कई परिवार अपने दिल के कलेजे को रूम में बंद कर काम पर जाने के लिए मजबूर बने है।
पलसाणा तहसील के जोलवा गांव में पड़ोसी की 11 साल की मासूम बच्ची के साथ वहीं पर रहने वाला दयाचंद्र पटेल नामक नराधम ने दुष्कर्म कर हत्या कर दी थी। इस घटना ने लोगों के दिमाग पर गहरा असर डाला है। औद्योगिक इलाकों में रहने वाले परप्रांतीय परिवार अपने मासूम बच्चों को रूम में बंद कर काम पर जाने के लिए मजबूर बने है। रेंज आई.जी. राजकुमार पांडियन ने स्थानीय उद्यमियों की मदद से अगले दिनों में डे केयर की व्यवस्था किए जाने की बात कहीं है।
कांग्रेस नेता तुषार चौधरी, दर्शन नायक, पलसाणा तहसील के कांग्रेस प्रमुख सहित कार्यकर्ताओं ने मासूम बच्ची के परिवार को न्याय दिलाने और जिले में बढ़ते अपराधिक वारदातों के चलते गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए रैली निकालकर बारडोली डीवायएसपी ऑफिस पर ज्ञापन सौंपा था।