
सूरत महानगरपालिका ने वर्ष 2026-27 के लिए 10,593 करोड़ का ड्राफ्ट बजट पेश कर शहर के विकास को नई दिशा देने का दावा किया है। मनपा आयुक्त एम. नागराजन द्वारा पेश यह बजट न सिर्फ आकार में अब तक का सबसे बड़ा है, बल्कि बिना किसी कर-दर बढ़ोतरी के तैयार किया गया प्रगतिशील दस्तावेज भी है। वर्ष 2025-26 के 10,004 करोड़ के बजट की तुलना में इसमें 589 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी की गई है।
बजट का सबसे अहम पहलू 5073 करोड़ का पूंजीगत खर्च है, जो आने वाले वर्षों में सूरत के इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्ट, जल-निकासी, पर्यावरण और नागरिक सुविधाओं को मजबूती देगा। बजट में 257 करोड़ का अनुमानित रेवेन्यू सरप्लस भी दर्शाया गया है, जिससे मनपा की वित्तीय सेहत मजबूत होने का संकेत मिलता है।
जल आपूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश का प्रावधान किया गया है। नए शामिल क्षेत्रों में लगातार पानी आपूर्ति के लिए कुल 2632 करोड़ की परियोजनाओं में से वर्ष 2026-27 में 388 करोड़ आवंटित किए गए हैं। वहीं, पुराने शहर और नए विस्तार क्षेत्रों में ड्रेनेज कैपेसिटी बढ़ाने, एसटीपी और एसपीएस निर्माण के लिए भी सैकड़ों करोड़ का प्रावधान है।
परिवहन और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए 600 इलेक्ट्रिक बसें, नए बीआरटीएस कॉरिडोर, फ्लायओवर, रेलवे ओवरब्रिज और नदी-खाड़ी पुलों की योजना शामिल है। सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए सीसी रोड, माइक्रो-सर्फेसिंग और प्लास्टिक वेस्ट से रीसर्फेसिंग पर भी फोकस किया गया है।
ग्रीन एनर्जी के मोर्चे पर सूरत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सोलर और विंड पावर प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया गया है। मनपा ने 2030 तक 100 प्रतिशत रिन्यूएबल एनर्जी उपयोग का रोडमैप तय किया है। आयुक्त एम. नागराजन ने बजट पेश करते हुए कहा कि यह दस्तावेज विकास, पर्यावरण संतुलन और नागरिक जीवन की गुणवत्ता को एक साथ आगे ले जाने की स्पष्ट सोच को दर्शाता है।



