
“अगर ज़िंदगी में कोई गोल हो और उसे पाने के लिए आप कड़ी मेहनत करने को तैयार हों, तो कोई भी मुश्किल हालात रुकावट नहीं लगते। आँखों में पक्का भरोसा और चेहरे पर मुस्कान लिए सूरत की 16 साल की स्विमिंग चैंपियन देवांशी राणा हर बच्चे को इंस्पायर करती हैं। स्विमिंग में अपनी कामयाबियों से देश का नाम दुनिया के मंच पर रोशन किया है।
हाल ही में दुबई में हुए ‘अंडर-16 एशियन यूथ पैरा गेम्स-2025’ में उन्होंने 3 स्विमिंग कॉम्पिटिशन – 100 मीटर बैकस्ट्रोक, 100 मीटर फ्रीस्टाइल और 50 मीटर फ्रीस्टाइल में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज़ जीतकर जीत की हैट्रिक लगाई है। इतना ही नहीं, उन्हें स्विमिंग के लिए इस कैटेगरी में देश को रिप्रेजेंट करने का मौका भी मिला है। देवांशी अकेली कॉम्पिटिटर थीं।
एक सूरत ही नहीं बल्कि पूरे देश के बच्चों और युवाओं को प्रेरणा देने वाली देवांशी ने पानी से अपनी दोस्ती को और आगे बढ़ाने के लिए 2022 में स्विमिंग कोचिंग शुरू की। अब तक, उन्होंने चार नेशनल पैरा स्विमिंग चैंपियनशिप, ओशन स्विमिंग कॉम्पिटिशन और खेल महाकुंभ समेत कई कॉम्पिटिशन में हिस्सा लिया है, जिसमें 22 गोल्ड, 3 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज़ समेत कुल 30 मेडल जीते हैं।
देवांशी ने स्विमिंग में बैकस्ट्रोक को अपनी ताकत बताते हुए कहा, “मुझे बचपन से ही पानी में खेलना और स्विमिंग करना पसंद था। लेकिन अपने मामा, जो खुद एक स्विमिंग कोच हैं, उन्हें देखकर और उनके मेडल देखकर, मैं भी स्विमिंग कोचिंग करना चाहती थी। साथ ही, मुझे जन्म से ही ‘क्लब फुट’ की फिजिकल दिक्कत थी, और पता चला कि स्विमिंग से इसमें सुधार होता है। इसलिए मैंने 2022 में कोचिंग शुरू की। जिसमें मेरी अच्छी स्पीड देखकर मेरे कोच और मामा ने भी मुझे कॉम्पिटिशन की तैयारी के लिए हिम्मत दी और गाइड किया।” साथ ही, मेरी संस्था द सोसाइटी फॉर फिजिकली हैंडीकैप्ड-सूरत और पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन-सूरत और इसके आनंदभाई शाह ने हमेशा मुझे और मेरे जैसे दूसरे बच्चों को स्पोर्ट्स में आगे बढ़ने में सपोर्ट किया है।
स्पोर्ट्स में बेस्ट रिजल्ट पाने के लिए मैं अपने कोच राजन सारंग की गाइडेंस में रेगुलर चार घंटे स्विमिंग की प्रैक्टिस करती हूँ। रनिंग और एक्सरसाइज के साथ-साथ मैं अपनी डाइट का भी पूरा ध्यान रखती हूँ।
स्पोर्ट्स के साथ पढ़ाई में भी इंटरेस्ट रखने वाली देवांशी ने कहा कि स्पोर्ट्स और पढ़ाई के बीच बैलेंस बनाए रखना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन नामुमकिन नहीं। मैंने आज तक अपने किसी भी कॉम्पिटिशन के लिए अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी। साथ ही, मुझे अपने माता-पिता से लगातार हिम्मत मिलती रही है जो ज़री इंडस्ट्री में कारीगर हैं।
स्विमिंग कॉम्पिटिशन में कई अचीवमेंट हासिल कर चुकी देवांशी को पिछले साल गुजरात फाउंडेशन डे पर राज्य के चीफ मिनिस्टर और गवर्नर से ‘गुजरात गरिमा’ अवॉर्ड मिला था। युवाओं के लिए इंस्पिरेशन, देवांशी भविष्य में ओलंपिक्स में इंडिया को रिप्रेजेंट करेंगी। उनका मकसद गोल्ड मेडल जीतना है और वह सभी को अपने सपनों को पाने के लिए कड़ी मेहनत करने का मैसेज देती हैं।



