
सूरत : विप्र सेना ने किया सद्बुद्धि यज्ञ
जेएनयू में ब्राह्मण विरोधी नारे लिखने से सम्पूर्ण भारत में हो रहा है विरोध
जेएनयू में ब्राह्मण विरोधी नारे लिखने से सम्पूर्ण भारत में विरोध हो रहा है। शिक्षा के केंद्र को विवाद का केंद्र बनने से भारत भर में नाराजगी व्याप्त हो रही है। इसी के अंतर्गत सूरत के विप्र सेना कार्यालय में उन विघटनकारी छात्रों को सद्बुद्धि प्राप्त हो, इस उद्देश्य से सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया गया।
विप्र सेना के गुजरात प्रान्त अध्यक्ष तोलाराम सारस्वत ने बताया कि ब्राह्मण सदैव सभी के मंगल की कामना करता है। ब्राह्मण सदैव सभी के सुखी, स्वस्थ, सम्पन्न रहने की प्रार्थना ईश्वर से करते है। उन्ही ब्राह्मणों को लक्षित करके उन्हें भारत छोड़ने के नारे दीवारों पर लिखना विकृत तथा विघटनकारी मानसिकता का परिचायक है। उन असामाजिक तत्वों को ईश्वर सद्बुद्धि प्रदान करे तथा वो विद्याभ्यास के स्थान पर सिर्फ विद्यार्जन ही हो, यह प्रार्थना विप्र सेना के सभी कार्यकर्ताओं ने की।
इस दौरान विप्र सेना के युवाध्यक्ष जय शर्मा ने बताया कि अगर जरूरत पड़ी तो विप्र सेना के कार्यकर्ता जेएनयू तक भी जाने से गुरेज नही करेंगे लेकिन अभी हम शांतिपूर्ण तरीके से इसका विरोध कर रहे है।
विप्र अग्रणी तथा सामाजिक कार्यकर्ता ललित शर्मा ने कहा कि भारत विश्वगुरु बनने की तरफ जब अग्रसर है तब शिक्षा के केंद्र में ऐसी घटनाएं निंदनीय है। ऐसी घटनाओं की कभी पुनरावृत्ति न हो इसके लिये विश्वविद्यालय प्रशासन को कठोर एक्शन लेने चाहिए। सरकार को भी इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।
सद्बुद्धि यज्ञ में जिलाध्यक्ष सज्जन महर्षि, श्रीराम सारस्वत,कन्हैयालाल उपाध्याय, महावीर सारस्वत, कन्हैयालाल पालीवाल,चेनसुख खण्डेलवाल,प्रितेश वैष्णव,नरेश मिश्रा ,अमित बोहरा,सुखराम जी वैष्णब, निर्मल वैष्णब,परवेश शर्मा,गोपाल नागदा,बृजमोहन सारस्वत,कृष्णा जोशी,सुनील शर्मा सहित बड़ी संख्या में ब्राह्मण अग्रणी सम्मिलित हुए।