सूरत

पी.पी. सवाणी परिवार सिर से पिता का साया गंवाने वाली 133 बेटियों की सामूहिक शादी करेगा

मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, मंत्री, गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे

सूरत: हर साल की तरह इस साल भी सूरत का पी.पी. सवाणी परिवार उन बेटियों की सामूहिक शादी करेगा, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया है। 21-22 दिसंबर को मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, मंत्री, गणमान्य लोगों मौजूदगी में पी.पी. सवाणी चैतन्य विद्यासंकुल, अब्रामा में ‘कोयलड़ी’ थीम पर 133 बिना पिता वाली बेटियों की सामूहिक शादी होगी।

पिछले 18 सालों से महेशभाई सवाणी कुल 5539 बेटियों के पिता बने हैं, बिना पिता वाली बेटियों की शादी करके नहीं, बल्कि एक पिता की सभी ज़िम्मेदारियों को निभाकर। पिछले 18 सालों से लगातार पी.पी. सवाणी के सेवा यज्ञ से कई लोगों को प्रेरणा मिली है। 20 और 21 दिसंबर को 133 बेटियां ब्याह रचकर ससुराल जाएंगी।

मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री श्री मनसुखभाई मंडाविया, केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य मामले राज्य मंत्री नीमूबेन बांभानिया, प्रदेश अध्यक्ष जगदीशभाई विश्वकर्मा, स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुलभाई पनशेरिया, मेयर दक्षेशभाई मवानी और राज्य सरकार के मंत्री, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे और कन्यादान करेंगे। 16 पद्मश्री विजेता, गणमान्य लोग और संत भी आकर नए जोड़ों को आशीर्वाद देंगे।

विवाह उत्सव श्रेष्ठ सासों द्वारा दीप जलाने के साथ शुरू होगा

20 तारीख के पहले दिन, दो दिन का विवाह उत्सव श्रेष्ठ सासों द्वारा दीप जलाने के साथ शुरू होगा। 21 दिसंबर को जीवनदीप ऑर्गन डोनेशन ऑर्गनाइजेशन को अपने रिश्तेदारों के अंग दान करने की अनुमति देने वाले ऑर्गन डोनर परिवार की मां, बेटी, बहन और पत्नी द्वारा दीप जलाया जाएगा। सभी धर्मों और जातियों की बेटियों की शादी एक ही मंडप में होगी।

रीति-रिवाजों के साथ शादी के पवित्र बंधन में जोड़ा जाएगा : महेश सवाणी

20 और 21 तारीख को शाम 5 बजे अब्रामा में होने वाले विवाह उत्सव के बारे में पी.पी. सवाणी ग्रुप के महेशभाई सवाणी ने कहा कि हर साल की तरह इस साल भी समाज को जाति-पाति के भेदभाव के बिना, समाज सेवा की भावना के साथ न केवल विवाह, बल्कि ऑर्गन डोनेशन का संदेश दिया जाएगा। ‘विवाह पांच फेरा’ से शुरू होकर इस साल “कोयलड़ी” नाम से हो रहे विवाह समारोह में मुस्लिम धर्म की बेटियों का विवाह होगा और ईसाई और हिंदू धर्म की सभी जातियों की बेटियों को उनके अपने रीति-रिवाजों के साथ शादी के पवित्र बंधन में जोड़ा जाएगा। सवाणी परिवार के मितुल, मोहित, स्नेह, कुंज, मोनार्क उन बेटियों को अपनी बहनों की तरह खास मानेंगे जिनके भाई नहीं हैं।

हजारों बेटियों के सिर से पिता का साया उठ जाने के बाद उनकी पढ़ाई, सेहत और शादी की पूरी जिम्मेदारी उठाने वाले महेशभाई सवाणी ने बताया कि कोयलडी में ब्याही गईं 133 दुल्हनों में से 90% ऐसी हैं जिनके पिता या भाई नहीं हैं। इस साल भी हम 4 राज्यों और 17 जिलों से मुस्लिम, ईसाई और दिव्यांग समेत 37 जातियों की 133 बेटियों को उनके ससुराल भेजेंगे। बेटियों को चुनने के कई क्राइटेरिया हैं, जिनमें सबसे पहले बेटी के पिता न होने को प्राथमिकता दी जाती है और फिर हम उस बेटी को प्राथमिकता देते हैं जिसका भाई न हो।

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