
Union Budget 2026-27 सूरत की टेक्सटाइल दुनिया के लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आया है। सालों से चली आ रही मांगों को पूरा करते हुए केंद्र सरकार ने यार्न बैंक स्कीम और ग्रुप वर्कशेड स्कीम जैसी पुरानी टेक्सटाइल स्कीमों के बजट में भारी बढ़ोतरी की है। पहले इन स्कीमों के लिए सिर्फ 20 करोड़ रुपये का इंतजाम था, जिसे अब बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस फंड में बढ़ोतरी से सूरत के उद्यमी अब विदेश से अत्याधुनिक हाई-स्पीड मशीनें ला सकेंगे, जिससे प्रोडक्शन कैपेसिटी और क्वालिटी दोनों बढ़ेगी।
दूसरी ओर, सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को एकेडमिक और रिसर्च सेक्टर में मजबूत करने के लिए सरकार ने एक स्पेशल टेक्सटाइल यूनिवर्सिटी बनाने का ऐलान किया है। यह यूनिवर्सिटी सूरत के युवाओं को टेक्सटाइल इंजीनियरिंग और डिजाइनिंग के फील्ड में वर्ल्ड-क्लास एजुकेशन देगी।
Union Budget 2026-27 में टैक्स फाइलिंग में आसानी, रेलवे प्रोजेक्ट्स और आयुर्वेदिक एआईआईएमएस जैसी नई बातों का जिक्र किया गया है। सूरत समेत गुजरात को इस बजट से कई फायदे होने वाले हैं। जिसमें राज्य के 34 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल बनेंगे, एसएमई – एमएसएमई ग्रोथ फंड के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का ऐलान और सेमीकंडक्टर मिशन आईएसएम 2.0 लॉन्च करने का ऐलान गुजरात में एमएसएमई से सेमीकंडक्टर को बढ़ावा देगा।

केंद्रीय बजट 2026 पर AM/NS India की प्रतिक्रिया
दिलीप ऊम्मेन, डायरेक्टर और सीईओ, आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (AM/NS India):
इन्फ्रास्ट्रक्चर पर पूंजीगत खर्च (कैपेक्स) को लगातार बढ़ावा देना उद्योगों के लंबे समय तक विकास के लिए एक अच्छा कदम है। परियोजनाओं के लिए बेहतर वित्तीय सहायता, औद्योगिक क्षेत्रों को फिर से मजबूत करने के प्रयास और टियर-2 व टियर-3 शहरों में इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से स्थानीय उद्योगों और विनिर्माण को मजबूती मिलेगी। इससे भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी। AM/NS India में हम टिकाऊ इस्पात उत्पादन और देश के विकास में लंबे समय तक निवेश करके राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
जीजेईपीसी की कई सिफारिशें बजट में
जीजेईपीसी की कई सिफारिशें बजट में शामिल किया गया हैं। तेज, भरोसे पर आधारित कस्टम प्रोसेसिंग, डिजिटल अप्रेज़ल और आसान क्लियरेंस से देरी और लागत कम होगी और बिजनेस तेज़ी से आगे बढ़ेगा। साथ ही, सेज यूनिट्स को डोमेस्टिक टैरिफ एरिया में कुछ हद तक रियायती ड्यूटी पर बेचने की इजाजत देने से फैक्ट्रियां अपनी बची हुई कैपेसिटी का इस्तेमाल कर पाएंगी, कैश फ़्लो बनाए रख पाएंगी और रोजगार बचा पाएंगी।
डेवलपमेंट वाला बजट: निखिल मद्रासी
आम बजट में इंडस्ट्री के लिए कुछ बड़े ऐलान किए गए हैं, जिसमें सेमीकंडक्टर से लेकर टेक्सटाइल और एमएसएमई तक की इंडस्ट्री के लिए खास पैकेज और स्कीम का ऐलान किया गया है। चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रेसिडेंट निखिल मद्रासी ने कहा कि चैंबर ने टेक्सटाइल सेक्टर के लिए भारत में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए एक खास स्कीम की मांग की थी। बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए एक फंड का ऐलान किया था। इसके अलावा चैंबर ने क्लस्टर वाइज अपग्रेडेशन फंड की भी मांग की थी, जिसका ऐलान भी बजट में किया गया। उन्होंने आगे कहा कि इस बजट में लोगों की उम्मीदों को पूरा किया गया है। आम बजट एक डेवलपमेंट वाला बजट है जो सबके साथ डेवलपमेंट को बनाए रखता है।
विकसित भारत के लिए एक दूरदर्शी बजट : प्रमोद भगत
केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स गुजरात के चेयरमैन प्रमोद भगत ने कहा कि यह बजट दूर की सोचने वाली सोच, प्रैक्टिकल पॉलिसी और आर्थिक मजबूती का एक बेहतरीन मेल है।
प्रमोद भगत ने कहा, “यह बजट देश के बिजनेस, एंटरप्रेन्योर, इन्वेस्टर और खासकर माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज को भरोसे का एक पॉजिटिव मैसेज देता है। आर्थिक विकास के साथ-साथ समाज के हर वर्ग को मजबूत बनाने की भावना इस बजट को खास बनाती है।
सूरत एक बार फिर दुनिया भर में ‘सिल्क सिटी’ के तौर पर चमकेगा : कैलाश हकिम
फोस्टा अध्यक्ष कैलाश हकिम ने कहा कि सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को एकेडमिक और रिसर्च सेक्टर में मजबूत करने के लिए सरकार ने एक स्पेशल टेक्सटाइल यूनिवर्सिटी बनाने का ऐलान किया है। यह बजट सूरत के टेक्सटाइल मार्केट को इंटरनेशनल लेवल पर मुकाबला करने के लिए और बेहतर बनाएगा। हाई-स्पीड टेक्नोलॉजी और स्किल्ड मैनपावर के कॉम्बिनेशन से सूरत एक बार फिर दुनिया भर में ‘सिल्क सिटी’ के तौर पर चमकेगा।
लोक-लुभावन नहीं बल्कि सुधारवादी और विकासोन्मुखी बजट : जगदीश कोठारी
फोस्टा डायरेक्टर जगदीश कोठारी ने बताया कि यह बजट हर वर्ग को फायदा पहुंचने वाला है। इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार सृजन, आत्मनिर्भर भारत और तकनीकी सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है। एमएसएमई सेक्टर, स्वास्थ्य सेवाओं, ग्रीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर मिशन और बायो-फार्मा सेक्टर के लिए किए गए प्रावधान देश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती देंगे।
विकसित भारत का शानदार बजट : बसंत खैतान
कपड़ा एक्स्पोर्ट सस्ता होने से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। सोलार से जुड़ी चीज़ें सस्ती होने से बिजली सस्ती होगी, दवाइयाँ सस्ती, 7 नए हाई स्पीड रेलवे कॉरिडोर,महिला समूहों को सीधे बाजार से जोड़ा जाएगा। कुल मिलाकर युवा, महिला, गरीब, किसान का बजट है।



