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बिहार में 2,400 मेगावाट ग्रीनफील्ड थर्मल पावर प्लांट के लिए अदाणी पॉवर को  मिला एलओए

अहमदाबाद, 29 अगस्त, 2025:अदाणी पावर लिमिटेड को बिहार स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (बीएसपीजीसीएल) द्वारा 25 साल के लिए बिजली खरीद हेतु लेटर ऑफ अवॉर्ड (एलओए) प्रदान किया गया है। यह बिजली बिहार के भागलपुर जिले के पीरपैंती में स्थापित होने वाले 2,400 मेगावाट (800 मेगावाट X 3) के नए अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल पावर प्लांट से सप्लाई की जाएगी।

बीएसपीजीसीएल ने यह एलओए नॉर्थ बिहार पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एनबीपीडीसीएल) और साउथ बिहार पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एसबीपीडीसीएल) की ओर से अदाणी पावर को प्रदान किया है। इसके बाद पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट (पीएसए) पर दोनों पक्षों के बीच हस्ताक्षर किए जाएँगे।

भारत में बिजली की माँग आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। वर्तमान में, लगभग 250 गीगावाट अधिकतम माँग वर्ष 2031-32 तक लगभग 400 गीगावाट और वर्ष 2047 तक 700 से अधिक गीगावाट तक पहुँचने की संभावना है, जो तेजी से औद्योगीकरण, शहरीकरण और बढ़ती जनसँख्या से बढ़ेगी। थर्मल पावर, अपनी व्यापक क्षमता, भरोसेमंद और लगातार बिजली देने की क्षमता के चलते, ऊर्जा सुरक्षा की रीढ़ बनी रहेगी और बेस-लोड व ग्रिड संतुलन में महत्वपूर्ण योगदान देगी। बिजली की इस बढ़ती माँग को पूरा करने के लिए सरकार वर्ष 2035 तक लगभग 100 गीगावाट अतिरिक्त थर्मल क्षमता जोड़ने की योजना बना रही है।

अदाणी पावर के सीईओ, एस.बी. ख्यालिया ने कहा, “भारत का सबसे बड़ा निजी क्षेत्र का थर्मल पॉवर उत्पादक होने के नाते, अदाणी पावर लगातार भरोसेमंद बिजली उत्पादन की क्षमता साबित करता रहा है। बिहार में हमारे आने वाले अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल और उच्च दक्षता वाले पीरपैंती प्रोजेक्ट के साथ, हम संचालन में उत्कृष्टता और स्थिरता के विषय में नए मानक स्थापित कर रहे हैं। यह प्लांट बिहार के लोगों को किफायती और लगातार बिजली उपलब्ध कराएगा, औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देगा, राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और लोगों की समृद्धि का समर्थन करेगा। इस तरह के प्रोजेक्ट्स के माध्यम से, अदाणी पावर भारत के ऊर्जा भविष्य को सुरक्षित करने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।”

इससे पहले, अदाणी पावर को बीएसपीजीसीएल द्वारा आयोजित टैरिफ आधारित कॉम्पिटिटिव बिडिंग (टीबीसीबी) प्रक्रिया में विजेता घोषित किया जा चुका है, जिसमें सबसे कम सप्लाई मूल्य 6.075 रुपए प्रति किलोवाट-घंटा (केडब्ल्यूएच) था। कंपनी इस प्लांट और संबंधित इन्फ्रास्ट्रक्चर में लगभग 3 बिलियन डॉलर का निवेश करेगी।

इस प्रोजेक्ट से निर्माण चरण में लगभग 10,000-12,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे और संचालन में आने पर लगभग 3,000 लोगों को रोजगार मिलेगा।

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