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वारी एनर्जीज ने गुजरात के चिखली में किया भारत की सबसे बड़ी सौर सेल विनिर्माण गीगाफैक्ट्री का उद्घाटन

चिखली, गुजरात, 29 मार्च, 2025 – भारत की अग्रणी स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन कंपनी, वारी एनर्जीज़ लिमिटेड ने चिखली, गुजरात में अपनी उन्नत 5.4 गीगावॉट सौर सेल गीगाफैक्ट्री संयंत्र का भव्य उद्घाटन किया, जो देश के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक निर्णायक क्षण है।

इस समारोह में गुजरात के माननीय मुख्यमंत्री,  भूपेन्द्रभाई पटेल के साथ-साथ  प्रल्हाद जोशी,  केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री; श्री सी. आर. पाटिल, जल शक्ति मंत्री;  कनुभाई देसाई सहित गुजरात के वरिष्ठ मंत्री; वित्त ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल्स मंत्री.  बलवंतसिंह राजपूत; उद्योग, नागरिक उड्डयन, श्रम एवं रोज़गार मंत्री,  हर्षभाई संघवी; गृह, खेल एवं युवा राज्य मंत्री  मुकेशभाई पटेल; पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन एवं जल संसाधन राज्य मंत्री तथा संसद सदस्य एवं “एक राष्ट्र एक चुनाव” के अध्यक्ष, श्री पी.पी. चौधरी उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि 150 एकड़ में फैला और 101 एकड़ के निर्मित क्षेत्र वाला यह संयंत्र राष्ट्र के लिए वहनीय ऊर्जा भविष्य के निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री,  प्रहलाद जोशी ने कहा, “भारत की नवीकरणीय ऊर्जा की विकास गाथा गुजरात में तब आकार लेने लगी थी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्य के मुख्यमंत्री थे। आज, यह नवीकरणीय ऊर्जा में मानक स्थापित कर अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श बन गया है।

सबसे बड़ी सौर सेल सुविधा का शुभारंभ आत्मनिर्भर भारत की भावना का प्रतीक है और वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा परिदृश्य में भारत की बढ़ती ताकत का प्रमाण है। स्वदेशी विनिर्माण के प्रति वारी की प्रतिबद्धता भारत को स्वच्छ ऊर्जा टेक्नोलॉजी के लिहाज़ से वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के हमारे राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ पूरी तरह से मेल खाती है।”

वारी एनर्जीज लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, हितेश दोशी ने कहा, “आज, चिखली में हमारे 5.4 गीगावाट सौर सेल गीगाफैक्ट्री के शुभारंभ के साथ, वारी भारत की ऊर्जा स्वतंत्रता और प्रौद्योगिकी पुनर्जागरण की आधारशिला रख रहा है। यह हमारा राष्ट्रीय घोषणापत्र है, जो सौर सेल में उकेरा गया है: एक खाका जो हमारे आर्थिक विकास को नई दिशा देगा, वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी के प्रतिमानों को नया स्वरूप देने के लिए प्रेरित करेगा और भारत को एक निष्क्रिय उपभोक्ता से वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा क्रांति के अग्रदूत में तब्दील करेगा।

हमारा गीगाफैक्ट्री सिर्फ एक बुनियादी ढांचा नहीं है बल्कि एक पवित्र राष्ट्रीय प्रण है, जो भारत के नवोन्मेष, लचीलेपन और शानदार क्षमता के जज़्बे का गवाह है। यहां निर्मित हर सौर सेल में हमारे देश की आकांक्षा – टेक्नोलॉजी के लिहाज़ से वर्चस्व, आर्थिक आत्मनिर्णय और वैश्विक नेतृत्व का सपना – घुली-मिली है । हम केवल ऊर्जा का उत्पादन नहीं कर रहे हैं; हम राष्ट्रीय गौरव की एक नई कहानी तैयार कर रहे हैं, जहां स्वदेशी नवोन्मेष हमारा सबसे शक्तिशाली निर्यात है। यह वास्तविक स्वरूप में आत्मनिर्भर भारत है, जिसमें न केवल आत्मनिर्भरता नहीं बल्कि दुनिया के सामने एक साहसिक घोषणा कि भारत वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य का नेतृत्व करेगा, नवोन्मेष करेगा और बदलाव लाएगा।”

विश्व स्तरीय उच्च दक्षता वाली सौर सेल टेक्नोलॉजी से लैस चिखली संयंत्र, शोध-संचालित नवोन्मेष, सटीक इंजीनियरिंग और वहनीयता पर वारी के निरंतर ज़ोर के दृष्टिकोण पर आधारित है। अपनी अनूठी उत्पादन क्षमताओं के अलावा यह संयंत्र स्वच्छ, हरित और अपेक्षाकृत अधिक आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य सुनिश्चित करते हुए भारत के व्यापक डीकार्बनाइज़ेशन लक्ष्यों के अनुरूप है। यह संयंत्र टेक्नोलॉजी की उत्कृष्टता साथ-साथ सामाजिक ज़िम्मेदारी के प्रति वारी की प्रतिबद्धता को उजागर करता है, जिसने 9500 से अधिक प्रत्यक्ष रोज़गार और लगभग 30000 अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर पैदा किये जिसका स्थानीय स्तर पर आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान है।

वारी स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में विविधीकृत और उल्लेखनीय उपस्थिति के साथ, वैश्विक अक्षय ऊर्जा बाज़ार में भारत की स्थिति को मज़बूत कर रही है और इस तरह 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा के देश के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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