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सूरत कपड़े में अप रीसाइक्लिंग में शुरूआत करे : एडिशनल टैक्सटाइल कमिश्नर एस.पी. वर्मा

कपड़ा महोत्सव का चैंबर ऑफ कॉमर्स के जीएफआरआरसी द्वारा शुभारंभ किया गया

सूरत: द सर्दन गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री का जीएफआरआरसी (ग्लोबल फैब्रिक रिसोर्स एंड रिसर्च सेंटर) सोमवार 9 अक्टूबर 2023 को समृद्धि, नानपुरा, सूरत में एक कपड़ा महोत्सव का आयोजन किया गया है। वस्त्र पर्व का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया जिसमें भारत सरकार के अतिरिक्त वस्त्र आयुक्त एस.पी. वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में FIASWI के चेयरमैन एवं चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष भरत गांधी उपस्थित थे।

भारत सरकार के अपर कपड़ा आयुक्त एस.पी. वर्मा ने कहा कि देश में युवाओं के कपड़ों का आयात बढ़ा है। भारत एमएमएफ का 42% और फैब्रिक का 53% आयात करता है। वर्तमान में कपड़ा उद्योग और देश को कुशल कार्यबल की आवश्यकता है। सूरत में अगले तीन साल में 500 परिधान इकाइयां शुरू की जानी हैं, परिधान बनाने के लिए दर्पण जैसा कपड़ा होना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि कपड़ा उद्योग से जुड़े उद्योगपतियों को अब कम बिजली की खपत वाले कृषि उत्पादों का उपयोग करना चाहिए। कपड़ा उद्योग के लिए खुशी की बात है, उन्होंने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात और ब्रिटेन में बाजार उभर रहा है, उन्हें उम्मीद है कि सूरत कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देगा और देश के अन्य कपड़ा शहरों के लिए एक उदाहरण स्थापित करेगा।

FIASWI के चेयरमैन और चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष भरत गांधी ने कहा कि अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कपड़ा उद्योग में बने रहने के लिए शोध किया जाना चाहिए। यूरोपीय देशों में छह महीने पहले ही इस बात पर शोध हो जाता है कि इस समय बाजार में किस तरह का कपड़ा चलन में है और लोग किस तरह का कपड़ा पहनना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार खाद्य एवं कृषि विभाग टैग देता है, उसी प्रकार कपड़ा उद्योग में भी टैग दिया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि जिस तरह देश के 28 राज्यों में कपड़ा मंत्रालय का एक विभाग है, उसी तरह गुजरात में भी कपड़ा मंत्रालय बनाया जाना चाहिए।

चेम्बर ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष विजय मेवावाला ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम में मानद कोषाध्यक्ष किरण थुम्मर, पूर्व अध्यक्ष आशीष गुजराती और प्रफुल्ल शाह मौजूद रहे। जीएफआरआरसी के अध्यक्ष गिरधर गोपाल मूंदडा ने कपड़ा महोत्सव की रूपरेखा प्रस्तुत की। पूरे कार्यक्रम का संचालन सह अध्यक्ष उमेश कृष्णानी ने किया। माननीय मंत्री निखिल मद्रासी ने सर्वेक्षण प्रतिभागियों को धन्यवाद देकर कार्यक्रम का समापन किया।

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