
मौसा ने भांजी को बनाया हवस का शिकार, दुष्कर्म के दोषी मौसा को उम्रकैद
सूरत में रिश्ते को लांछन लगाने वाली घटना सामने आयी थी। जिसमें मासूम 14 वर्षीय किशोरी को मौसा ने अपनी हवस का शिकार बनाया था। इस मामले की सुनवाई में सूरत की जिला कोर्ट ने आरोपी मौसा को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही पीडि़ता को को 10 लाख सहायता और आरोपी को 7 हजार रुपए का जुर्माना देने के आदेश दिया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक सूरत के सलाबतपुरा इलाके में 14 साल की किशोरी माता-पिता का देहांत हो चुका है। जिससे वह मजदूरी कर गुजर बसर करती थी। किशोरी के मौसा मौसा शैलेष मगनभाई राठौड़ पड़ौस में रहते थे। किशोरी का लाचारी का फायदा उठाते हुए मौसा ने आए दिन उसे अपनी हवस का शिकार बनाता था।
इस बीच एक दिन किशोरी का बढ़ता पेट देख चचेरे भाई ने सिविल अस्पताल में जांच करवाई। तब मौसे की पाप लीला उजागर हुई। चिकित्सकों ने किशोरी के गर्भवती होने की बात कहीं। जिससे चचेरे भाई के पैरों तले जमीन खिंसक गई। घटना की पुलिस थाने में तहरीर्र दर्ज करवायी थी। पुलिस पूछताछ में किशोरी ने बताया कि मौसा शैलेष राठौड़ डरा धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म करता था। जिसके आधार पर पुलिस ने शैलेष राठौड़ को गिरफ्तार कर लिया। कुछ दिनों के बाद किशोरी ने एक बच्ची को जन्म दिया।
इस मामले पर सुनवाई करते हुए सूरत जिला न्यायालय ने मौसा शैलेष राठौड़ को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई और 7 हजार रुपए जुर्माना लगाया। साथ ही पीडि़ता को 10 लाख रूपए की सहायता देने का भी सूरत जिला न्यायालयï ने आदेश दिया है। आजकल रिश्ते को तार-तार करने वाले और लांछन लगाने वाली घटनाएं आए दिन सामने आ रही है। जिससे लोगों का रिश्ते से विश्वास उठने लगा है।