बिजनेस

चैंबर ऑफ कॉमर्स का जापानी एसोसिएशन एएएडब्ल्यूआई के साथ हुआ समझौता करार

व्यापार में एक-दूसरे को लाभ मिल सके, इसके लिए समझौता ज्ञापन पर सहमति बनी

सूरत। द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के एसजीसीसीआई ग्लोबल कनेक्ट मिशन 84 के तहत मंगलवार को 20 फरवरी 2024 को संहती बिल्डिंग, सरसाना, सूरत में एओट्एस एलुमनी एसोसिएशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया (AOTS ALUMNI ASSOCIATION OF WESTERN India – AAAWI) के अध्यक्ष प्रवीण पूरव और सचिव शशिकांत शर्मा के साथ एक बैठक आयोजित की गई।

इस बैठक में एसजीसीसीआई ग्लोबल कनेक्ट मिशन 84 के तहत द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) और एओट्स एलुमनी एसोसिएशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया (एएएडब्ल्यूआई) ने दोनों देशों के उद्योगपतियों और व्यापारियों के बीच पेशेवर जानकारी और व्यावसायिक पूछताछ का आदान-प्रदान करने का लक्ष्य रखा। व्यापार में एक-दूसरे को लाभ मिल सके, इसके लिए समझौता ज्ञापन पर सहमति बनी। चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष रमेश वघासिया और एएएडब्ल्यूआई के अध्यक्ष प्रवीण पूरव ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष रमेश वघासिया ने एएएडब्ल्यूआई के अध्यक्ष प्रवीण पूरव और सचिव शशिकांत शर्मा का स्वागत किया और उन्हें भारत को एक आर्थिक पावर हाउस बनाने के लिए एसजीसीसीआई ग्लोबल कनेक्ट मिशन 84 के तहत चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा किए गए दृष्टिकोण से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की बनाने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए उन्होंने भारतीय उद्यमियों को निर्यात के लिए 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का लक्ष्य दिया है। दक्षिण गुजरात, गुजरात क्षेत्र और भारत से दुनिया के 84 देशों में विभिन्न उत्पादों का निर्यात बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

इसके लिए मिशन 84 के तहत एक ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय मंच बनाया गया है, जिससे भारत के 84,000 उद्यमियों और दुनिया के विभिन्न देशों में कारोबार करने वाले 84,000 व्यापारियों को जोड़ा जा रहा है। इसी तरह भारत के 84 चैंबर्स ऑफ कॉमर्स और दुनिया के 84 अलग-अलग देशों के चैंबर्स ऑफ कॉमर्स को भी इस ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाने के लिए बैठकें हो रही हैं। इसके अलावा, भारत में कार्यरत 84 देशों के महावाणिज्य दूत, उच्चायुक्त और राजदूत और दुनिया के 84 देशों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले राजदूत भी इस पोर्टल पर शामिल होने के लिए बैठकें कर रहे हैं।

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