जैन संस्कार विधि से ऑनलाइन सामूहिक वैवाहिक वर्षगांठ मई माह का आयोजन

अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के निर्देशन में तेरापंथ युवक परिषद उधना के द्वारा ऑनलाइन सामूहिक वैवाहिक वर्षगांठ मई माह का आयोजन जैन संस्कार विधि के द्वारा जुम एप्लीकेशन के माध्यम से 7 मई 2020 प्रात: 11:00 करवाया गया। संस्कारक अनिल चण्डालिया, मिश्रीमल नंगावत, अरुण चण्डालिया, अनिल सिंघवी एवं विकास कोठारी ने विधिवत मंत्रोच्चार के द्वारा संस्कार विधि संपादित करवाई। तेयुप अध्यक्ष अरुण चण्डालिया ने गणाधिपति पूज्य गुरुदेव तुलसी के द्वारा उपलब्ध करवाई गई जैन संस्कार विधि, श्रावक समाज के लिए एक अत्यंत आवश्यक एवं उपयोगी विधि बताई।

उन्होंने कहा कि जैन संस्कार विधि को लगभग 12 महीनों से जबसे उन्होंने अध्यक्ष पद संभाला तभी से जन जन तक पहुंचाने का पूर्ण प्रयास किया एवं उन्होंने आभार ज्ञापन किया। संस्कार प्रभारी,सह प्रभारी एवं टीम के बदौलत, वे अब तक इतने आयोजन कर पाए। उन्होंने सभी संस्कारको का भी आभार किया। जब भी परिषद ने संस्कारको को याद किया तब वे नि:स्वार्थ भाव से सेवा देने के लिए उपस्थित हो जाते हैं। संस्कारक अनिल चंडालिया ने विधिवत मंगल भावना यंत्र की स्थापना करवाई एवं संस्कारक विकास कोठारी ने मंगल भावना यंत्र की विशेषताओं के बारे में प्रकाश डाला। संस्कारक मिश्रीमल नंगावत एवं अनिल सिंघवी ने मंत्रोच्चार के साथ विधि को वेग देते हुए आगे बढ़ाया। संस्कारक अनिल चंडालिया ने उपस्थित झूम एप पर सभी संभागीय जोड़ो को विधिवत संकल्प करवाएं एवं उनके भावी जीवन की मंगल कामनाएं की। ऑनलाइन मीटिंग में तेरापंथ श्रावक समाज के कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।

तेरापंथी सभा उधना के ज्ञानशाला प्रभारी सुरेश – शकुन्तला चपलोत, अभातेयुप परिवार से सुभाष – चांदनी चपलोत, अर्पित – ज्योति नाहर, सुनिल – ललिता चण्डालिया, अणुव्रत समिति पूर्व अध्यक्ष नेमीचंद – तेजीदेवी कावडय़िा, संस्कारक एवं तेयुप पूर्व मंत्री अनिल – सुनिता चोरडय़िा, तेयुप उपाध्यक्ष दिलीप – रेखा संचेती, ज्ञानशाला सहप्रभारी चंद्रेश – आशा लोढ़ा, एटीडीसी सहप्रभारी रोनक – चंदा श्रीश्रीमाल एवं कई गणमान्य व्यक्तियो ने अपनी वैवाहिक वर्षगांठ मनाई एवं अपने विचार रखें करीब 25 जोड़े आज के कार्यक्रम में उपस्थित रहे। संस्कारको ने उपस्थित सभी महानुभावों को नौ मंगल भावनाएं प्रेषित करते हुए एवं मंगल पाठ के साथ विधि को संपन्न करवाई। अंत में संस्कार प्रभारी एवं संस्कारक विकास कोठारी ने आभार ज्ञापन किया एवं सभी से निवेदन किया कि भविष्य में भी वे सभी अपने पारिवारिक मांगलिक कार्य जैन संस्कार विधि से ही संपादित करें।

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