सूरत

सूरत सीट से मुकेश दलाल होंगे भाजपा प्रत्याशी, दर्शना जरदोश की कटी टिकट

दर्शना जरदोष 2009 से सांसद होने के साथ साथ केंद्रीय रेल व कपड़ा राज्यमंत्री थी

सूरत। भाजपा ने दूसरी सूची में गुजरात के 7 नामों की घोषणा की है। भाजपा की दूसरी सूची में बड़े बदलाव सामने आए हैं। दक्षिण गुजरात की सूरत सीट से सांसद दर्शनाबेन जरदोश का टिकट काट दिया गया है। भाजपा ने सांसद दर्शनाबेन जरदोश की जगह मुकेश दलाल को टिकट दिया है। मुकेश दलाल सीआर पाटिल के करीबी माने जाते है और उनके कार्य की बात करें तो वह सूरत शहर भाजपा के महामंत्री, मनपा में स्थायी समिति के पूर्व अध्यक्ष के रूप में काम कर चुके हैं।

भाजपा की पहली सूची में सूरत सीट से प्रत्याशी की घोषणा नहीं होने से राजनीतिक गलियारे में चर्चा का जोर शुरू था। सर्वाधिक सुरक्षित सीट मानी जाने वाली सूरत से मुकेश दलाल प्रत्याशी घोषित किए जाने से सस्पेंस का अंत आया है।

गौरतलब है कि दर्शना जरदोष 2009 से सांसद होने के साथ साथ केंद्रीय रेल व कपड़ा राज्यमंत्री थी और लगातार चौथी बार टिकट की कतार में थी। लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी है। सूरत सीट से रणजीत गिलिटवाला, जगदीश पटेल, पूर्व शहर भाजपा अध्यक्ष नितिन भजियावाला सहित कई कद्दावर नेता दावेदार थे।

जानिए कौन हैं मुकेश दलाल

  • टेक्सटाइल से जुड़े मुकेश दलाल वर्तमान में सूरत भाजपा महामंत्री हैं। वह अलग अलग संगठनों में पदों पर कार्यरत रहे हैं।
  • पूर्व में सूरत महानगरपालिका की स्थायी समिति के अध्यक्ष भी रह चुके है। उन्होंने बी.कॉम., एमबीए और एल.एल.बी. की पढ़ाई की है।
  • वह द सूरत पीपुल्स बैंक के चेयरमैन भी रह चुके हैं और फिलहाल सूरत क्रिकेट बोर्ड में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
  • वर्तमान में सूरत भाजपा के महासचिव और महिला मोर्चा, बक्षीपंच मोर्चा और अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रभारी हैं।
  • भाजपा युवा मोर्चा में प्रदेश उपाध्यक्ष-क्षेत्रीय मंत्री, सूरत शहर युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष-मंत्री, दक्षिण गुजरात छात्र प्रकोष्ठ के संयोजक, शहर कार्यकारिणी सदस्य, वार्ड संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं।
  • वर्ष 2005 से 2020 तक उन्होंने लगातार तीन बार अडाजण-पाल-पालनपोर क्षेत्र से नगरसेवक के रूप में जिम्मेदारी संभाली।
  • गुजरात के तीसरे सबसे बड़े और दक्षिण गुजरात के सबसे बड़े सहकारी बैंक, सूरत पीपुल्स बैंक में एक क्लर्क के रूप में अपना करियर शुरू करने के बाद वह पिछले 20 वर्षों तक बैंक में निदेशक और इसके शताब्दी वर्ष में बैंक के अध्यक्ष रहे।

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