
माटी में मिला माटी का लाल : श्रद्धांजलि सभा 22 मार्च को
सूरत। प्रख्यात समाजसेवी एवं संगठनकर्ता विक्रम सिंह शेखावत का हाल ही में हृदय गति रुकने से आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन से सूरत सहित राजस्थान समाज में शोक की लहर है।
स्व. शेखावत का जीवन समाज सेवा को समर्पित रहा। उनका सपना आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त निःशुल्क चिकित्सा उपलब्ध कराने हेतु अस्पताल बनाना था। इसके लिए उन्होंने संकल्प लिया था कि जब तक यह कार्य पूर्ण नहीं होगा, वे किसी भी मंच पर पगड़ी या दुपट्टा धारण नहीं करेंगे, किंतु उनका यह सपना अधूरा रह गया।
बचपन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे शेखावत विश्व हिंदू परिषद में जिला उपाध्यक्ष रहे। कोरोना काल में उन्होंने उमरा श्मशान में हजारों लोगों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था कर मानव सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया। वे राजस्थान युवा संघ के अध्यक्ष रहे तथा राजस्थान फाउंडेशन से भी जुड़े थे। उनके नेतृत्व में कई सामाजिक कार्य संचालित हुए।
अंतिम दर्शन के दौरान सी.आर. पाटिल, संगीता पाटिल एवं सूरत कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वहीं अंतिम यात्रा के पश्चात उनके पैतृक गांव में राजेंद्र राठौड़ के साथ श्रवण सिंह बगड़ी, घनश्याम ओझा एवं अजय पारीक भी पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
स्व. शेखावत की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा कल शाम 6 से 8 बजे तक तुलसी पार्टी प्लॉट में आयोजित होगी, जिसमें 10 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है।



