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सूरत में ‘आर्थिक स्वराज्य’ के पहले किले ‘सुवर्णदुर्ग’ की स्थापना”

6 जून 1674 के राज्याभिषेक दिवस की प्रेरणा से ‘आर्थिक स्वराज्य’ की ओर एक नई पहल

सूरत : छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक दिवस की प्रेरणा से सूरत में मराठी उद्यमियों के लिए 360° ग्रोथ इकोसिस्टम उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘स्वराज्य एंटरप्रेन्योर नर्चर अलायंस (SENA)’ के पहले चैप्टर ‘सुवर्णदुर्ग’ का शुभारंभ किया गया।

यह पहल विजय कमल फाउंडेशन के एक विशेष प्रकल्प के रूप में शुरू की गई है। विजय कमल फाउंडेशन एक गैर-लाभकारी (Non-Profit) संस्था है, जो समाज और उद्यमियों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्यरत है।

स्वराज्य SENA के संस्थापक विक्रम सणस ने बताया कि जिस प्रकार छत्रपति शिवाजी महाराज ने मावलों को संगठित कर हिंदवी स्वराज्य की स्थापना की थी, उसी प्रेरणा से आज मराठी उद्यमियों को एक मजबूत मंच पर जोड़कर “आर्थिक स्वराज्य” की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आज अनेक उद्यमियों के पास क्षमता, परिश्रम और व्यवसायिक दृष्टि होने के बावजूद उन्हें उचित मार्गदर्शन, मजबूत नेटवर्क, प्रशिक्षण, जवाबदेही आधारित सहयोग और विकासोन्मुख इकोसिस्टम का अभाव महसूस होता है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ‘स्वराज्य’ की स्थापना की गई है।

स्वराज्य केवल एक बिजनेस नेटवर्किंग समूह नहीं है, बल्कि मराठी उद्यमियों के लिए विकसित किया गया एक 360° ग्रोथ इकोसिस्टम है, जिसमें व्यवसायिक विकास, नेतृत्व निर्माण, प्रशिक्षण, नेटवर्किंग, रेफरल सपोर्ट, जवाबदेही प्रणाली, व्यक्तिगत विकास तथा सामूहिक प्रगति जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर कार्य किया जाएगा।

‘सुवर्णदुर्ग’ चैप्टर के माध्यम से सूरत के मराठी उद्यमियों को एक साझा मंच प्रदान किया जाएगा, जहां वे सीख सकेंगे, एक-दूसरे के अनुभवों से लाभ उठा सकेंगे और व्यवसायिक विकास के नए अवसर प्राप्त कर सकेंगे।

इस अवसर पर संस्थापक सदस्यों को ‘संस्थापक उद्यमी मावला’ सम्मान प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। साथ ही स्वराज्य की प्रतिज्ञा, विजन, मिशन तथा आगामी एक वर्ष की विकास रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई।

संस्था का ध्येय वाक्य है:

“रिश्ता विश्वास का, लक्ष्य प्रगति का।”

जबकि इसका विजन है:

“समृद्ध उद्यमी मावले, यही सच्चा स्वराज्य है।”

सूरत में निवासरत मराठी उद्यमियों से इस पहल से जुड़कर इसके लाभ प्राप्त करने की अपील की गई है।

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