
अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवाओं में करियर की तैयारी को मजबूत करने के लिए OET ने गुजरात के सूरत में शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया
सूरत। ऐसे समय में जब दुनिया भर की स्वास्थ्य प्रणालियाँ क्लिनिकल दक्षता के साथ-साथ प्रभावी संवाद कौशल को भी समान महत्व दे रही हैं, OET ने हेल्थकेयर इंग्लिश शिक्षण क्षमता को मजबूत बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी उद्देश्य से OET ने सूरत में एक विशेष शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें गुजरात के विभिन्न शहरों से आए ५० से भी ज्यादा हेल्थकेयर इंग्लिश शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को व्यावहारिक शिक्षण तकनीकों, छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों और स्वास्थ्य सेवाओं में प्रभावी संवाद कौशल से जुड़ी आधुनिक प्रशिक्षण विधियों से परिचित कराना था, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय करियर की तैयारी कर रहे स्वास्थ्य पेशेवरों को बेहतर मार्गदर्शन दे सकें।
यह पहल ऐसे समय में की गई है जब UK, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और आयरलैंड जैसे देशों में स्वास्थ्य पेशेवरों की बढ़ती मांग के साथ प्रभावी संवाद कौशल, मरीजों की सुरक्षा और टीम आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को पहले से अधिक महत्व दिया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की “हेल्थ लेबर मार्केट एनालिसिस के अनुसार, गुजरात में 35 मेडिकल कॉलेज और 1.82 लाख से अधिक पंजीकृत नर्सें हैं, जो राज्य के मजबूत स्वास्थ्य शिक्षा एवं कार्यबल तंत्र को दर्शाती हैं। वहीं OECD देशों की स्वास्थ्य प्रणालियाँ डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों की कमी को पूरा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षित कार्यबल पर लगातार निर्भर हैं। ऐसे में संवाद कौशल, क्लिनिकल दक्षता के साथ वैश्विक कार्यबल की तैयारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।
इस अवसर पर OET के रीजनल डायरेक्टर – साउथ एशिया, अमित उपाध्याय ने कहा, “दुनिया भर की स्वास्थ्य प्रणालियाँ आज प्रभावी संवाद और मरीज-केंद्रित देखभाल को पहले से अधिक महत्व दे रही हैं। ऐसे में स्वास्थ्य पेशेवरों को तैयार करने में शिक्षकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। हमारे विशेष शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, व्यावहारिक कक्षा तकनीकों और हेल्थकेयर इंग्लिश शिक्षण की बेहतर समझ से लैस करना है, ताकि वे छात्रों को अधिक प्रभावी ढंग से तैयार कर सकें। यह उत्साहजनक है कि गुजरात के विभिन्न हिस्सों से शिक्षक इस कार्यशाला में शामिल हुए। यह राज्य में हेल्थकेयर कम्युनिकेशन शिक्षा को मजबूत बनाने की बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
इस कार्यशाला में नए और अनुभवी OET शिक्षकों के साथ-साथ ऐसे संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया, जो अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों में OET को शामिल करना चाहते हैं। प्रतिभागियों को OET के चारों सब-टेस्ट लिसनिंग, रीडिंग, राइटिंग और स्पीकिंग की विस्तृत जानकारी देने के साथ अद्यतन शिक्षण संसाधनों, व्यावहारिक कक्षा तकनीकों और छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों से भी अवगत कराया गया, ताकि वे उम्मीदवारों की तैयारी को और अधिक प्रभावी बना सकें।
पारंपरिक शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों से अलग, इस कार्यशाला का फोकस केवल परीक्षा की जानकारी तक सीमित नहीं था, बल्कि वास्तविक कक्षा शिक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं में आवश्यक संवाद कौशल को विकसित करने पर भी रहा। इंटरैक्टिव डेमोंस्ट्रेशन, समूह गतिविधियों, निर्देशित चर्चाओं, व्यावहारिक लेसन प्लानिंग अभ्यासों और अनुभव साझा करने वाले सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों ने ऐसे व्यावहारिक तरीकों को समझा, जो छात्रों की सहभागिता बढ़ाने के साथ उन्हें वास्तविक स्वास्थ्य सेवाओं के वातावरण में प्रभावी संवाद के लिए तैयार करने में मदद करते हैं।
कार्यशाला का एक प्रमुख उद्देश्य भाषा शिक्षण और वास्तविक स्वास्थ्य सेवाओं में आवश्यक संवाद कौशल के बीच की दूरी को कम करना था। इंटरैक्टिव कक्षा गतिविधियों और सहयोगात्मक शिक्षण अभ्यासों के माध्यम से प्रतिभागियों ने ऐसे तरीकों को समझा, जिनकी मदद से छात्र क्लिनिकल जानकारी को बेहतर ढंग से समझ सकें, कार्यस्थल पर होने वाले संवाद की सही व्याख्या कर सकें, मरीजों और सहकर्मियों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित कर सकें तथा अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यक संचार कौशल विकसित कर सकें। कार्यशाला ने शिक्षकों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने और बदलती छात्र अपेक्षाओं, OET के चारों सब-टेस्ट के प्रभावी शिक्षण तरीकों तथा स्वास्थ्य सेवाओं में संवाद-केंद्रित अंग्रेज़ी शिक्षण की बढ़ती आवश्यकता पर विचार-विमर्श करने का अवसर भी प्रदान किया।
प्रतिभागियों ने बताया कि यह प्रशिक्षण उन शिक्षकों और प्रशिक्षकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी रहा, जो अपने संस्थानों में OET तैयारी कार्यक्रम शुरू करना चाहते हैं। कार्यशाला के माध्यम से उन्हें ऐसे व्यावहारिक शिक्षण संसाधन और पद्धतियाँ मिलीं, जिनकी मदद से वे स्वास्थ्य पेशेवरों को OET परीक्षा के लिए अधिक प्रभावी ढंग से तैयार कर सकेंगे।
शिक्षकों, शैक्षणिक संस्थानों, भाषा प्रशिक्षण प्रदाताओं, माइग्रेशन पार्टनर्स और हेल्थकेयर प्रशिक्षण साझेदारों के साथ निरंतर सहयोग के माध्यम से OET गुजरात में हेल्थकेयर इंग्लिश शिक्षण क्षमता को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों, संस्थागत सहयोग, काउंसलर जागरूकता सत्रों और पेशेवर विकास पहलों के जरिए OET का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक संसाधनों और प्रभावी शिक्षण पद्धतियों से सशक्त बनाना है, ताकि कक्षा में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकें और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवाओं में करियर बनाने की तैयारी कर रहे भारतीय स्वास्थ्य पेशेवरों को मजबूत आधार मिल सके।



