
सूरत, गांधीनगर। दक्षिण गुजरात के नवसारी, वलसाड और सूरत सहित कई जिलों में भारी बारिश को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। संभावित बाढ़ के बाद जलजनित और मौसमी बीमारियों के खतरे को रोकने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में गांधीनगर में स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों का जायजा लिया गया।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए
बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ का पानी उतरते ही प्रभावित क्षेत्रों में क्लोरीन टैबलेट, आवश्यक दवाइयों और कीटनाशकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। राहत शिविरों में रह रहे लोगों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करने और जरूरतमंदों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।
व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली
भारी बारिश के कारण संपर्क टूटने की आशंका वाले गांवों की गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित रूप से नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) तक पहुंचाने की विशेष योजना की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों से तैयार सूची और व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली।
माइक्रो प्लानिंग के साथ हर स्तर पर तैयारी
प्रफुल पानशेरिया ने कहा कि जिन जिलों में बारिश का असर कम है, वहां से डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की अतिरिक्त टीमों को रिजर्व रखा जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत प्रभावित इलाकों में भेजा जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए महामारी की रोकथाम के लिए माइक्रो प्लानिंग के साथ हर स्तर पर तैयारी की जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में सभी प्रशासनिक और स्वास्थ्य संबंधी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि हालात का मौके पर जाकर जायजा लेने और स्थानीय जरूरतों के अनुसार तत्काल निर्णय लेने के लिए वे स्वयं सड़क मार्ग से सूरत और नवसारी के दौरे पर रवाना हो रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।



