सूरत

डॉ. नीलम गोयल ने 6500 मेगावाट मीठीविरदी, भावनगर परमाणु बिजलीघर की दी जानकारी

तलाजा महुआ लेउआ पटेल सेवा समाज के लोगों को किया जागरूक

सूरत, भारत की परमाणु सहेली डॉक्टर नीलम गोयल ने तलाजा महुआ लेउआ पटेल सेवा समाज के सम्मान समारोह में लोगों को परमाणु ऊर्जा व नदी जोड़ो योजना के बारे में जागरूक किया। जिसमें 5000 से भी अधिक महिला पुरुषों ने भाग लिया। इस प्रोग्राम में पदम श्री सावजी भाई ढोलकिया,  अनु भाई तेजानी व कार्यक्रम के आयोजक  हसमुखभाई मंगूकिया, सी.एम. पटेल, बाबू भाई मंगूकिया, इत्यादि समाज के सभी अग्रणी मौजूद थे।

परमाणु सहेली ने बताया कि बढ़ते हुए प्रदूषण की वजह से आने वाले समय में हम बिजलीघरों में कोयले का प्रयोग नहीं कर पाएंगे | बिजली की बढ़ती हुई मांग को पूरा करने के लिए कोयले के विकल्प के बारे में सही समय पर हमे सही कदम उठाने होंगे । इस पर परमाणु सहेली ने बताया कि हमारे पास बिजली बनाने के एक बहुत बड़े विकल्प के रूप में परमाणु ऊर्जा है। भारत के पास, परमाणु ईंधन, पूरे विश्व में सबसे ज्यादा है तथा विश्व स्तर की तकनीकि दक्षता भी है। लेकिन इस विषय में सही जानकारी नहीं होने की वजह से लोगों में परमाणु ऊर्जा को लेकर कई भ्रांतियां हैं। जिसकी वजह से मीठीविरदी परमाणु बिजली परियोजना, भावनगर (6500 मेगावॉट) पीछले 10 वर्षों से विरोधो के कारण रुकी हुई है। इस परियोजना के बारे में आम जनता में सही जानकारी नहीं है। हमें सही समय पर इस विषय के बारे में सही जानकारी प्राप्त करनी होगी।

परमाणु सहेली ने बताया कि ये स्मार्ट मॉड्यूलर रिएक्टर (परमाणु बिजलीघर) बिजली बनाने के साथ-साथ हमारे मोटर वाहनों के लिए पेट्रोल-डीजल के विकल्प के रूप में – हाइड्रोजन गैस का भी उत्पादन करेंगे। ताकि भारत को पैट्रोल-डीजल के लिए दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना पड़े। हमारा भारत आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ेगा। यह परमाणु सयंत्र खारे पानी को शुद्ध करने का काम भी करेंगे। सभी 5000 लोगों ने इन योजनाओं के प्रति जागरूक होकर इन योजनाओं के क्रियान्वयन में अपना नैतिक समर्थन व परमाणु सहेली के मिशन में पूर्ण सहयोग देने की प्रतिज्ञा भी ली और संकल्प लिया कि सभी समाज एकजुट होकर समस्त भारतवर्ष के लिए स्मार्ट माड्यूलर रिएक्टर (परमाणु ऊर्जा संयंत्र) जहाँ-जहाँ भी लगेंगे हम उनका समर्थन करेंगे।

हर एक उद्योगपति, सामाजिक संगठन, विद्यार्थी वर्ग, किसान वर्ग व महिला वर्ग को भी जागरूक होना होगा । परमाणु सहेली के द्वारा दी गई परमाणु ऊर्जा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी को सभी ने समझा और कहा कि परमाणु सहेली जी आप आगे बढ़ते रहो हम तुम्हारे साथ हैं।

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