
श्री महालक्ष्मी शक्ति पीठ में शनि अमावस्या पर विशेष अनुष्ठान: आठ पत्नियों संग शनि देव की पूजा से मिलेगी पीड़ा से मुक्ति
सूरत। आगामी 16 मई 2026, शनिवार (शनि अमावस्या) के पावन अवसर पर शहर के भटार स्थित श्री महालक्ष्मी शक्ति पीठ में ‘श्री चमत्कार शनि देव’ की विशेष पूजा का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस दिन शनि देव की अपनी आठ पत्नियों—ध्वजनी, कलहप्रिया, तुरंगी, महिर्षि, धामिनी, कंकालु, कंटकी और अजा—के साथ आराधना करने का एक दुर्लभ और चमत्कारी महत्व है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिन भक्तों पर शनि की महादशा, साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है, उन्हें सहपत्नीक शनि देव की इस विशेष पूजा से कष्टों और मानसिक पीड़ा से तत्काल मुक्ति मिलती है।
भारत मुनि भारतीय ने बताया कि इस शक्ति पीठ की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ माताएं और बहनें भी निसंकोच शनि देव की पूजा कर सकती हैं। आमतौर पर शनि मंदिरों में महिलाओं के पूजन को लेकर वर्जनाएं होती हैं, किंतु यहाँ शनि देव अपनी पत्नियों के साथ विराजमान हैं, इसलिए महिलाओं के लिए भी पूजन का मार्ग खुला है। भक्तों का विश्वास है कि इस दिन विधि-विधान से दर्शन और अभिषेक करने से शनि देव प्रसन्न होकर जीवन में सुख-समृद्धि और शांति का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।


