
डॉ. गुल्लापल्ली एन. राव और रीमा नानावटी ‘संतोकबा ह्यूमेनिटेरियन अवार्ड’ से सम्मानित
प्रथम 'सोशल एंटरप्रेन्योर अवार्ड' श्रीकांत बोल्ला को प्रदान किया गया
सूरत: सेवा, संवेदना और नेतृत्व के माध्यम से लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाले गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित करने के 20 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, ‘श्री रामकृष्ण एक्सपोर्ट्स’ (SRK) की सेवाकीय संस्था ‘श्री रामकृष्ण नॉलेज फाउंडेशन’ (SRKKF) द्वारा स्थापित ‘संतोकबा ह्यूमेनिटेरियन अवार्ड 2026’ का आयोजन शनिवार, 13 जून 2026 को सूरत के संजीव कुमार ऑडिटोरियम में किया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा के माननीय उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में माननीय केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, गुजरात के नायब मुख्यमंत्री हर्ष संघवी, और भारतीय वायु सेना के दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AOC-in-C) एयर मार्शल तेजिंदर सिंह (PVSM, AVSM, VM) के साथ-साथ कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
प्रतिष्ठित चेंजमेकर्स की पहचान कर उन्हें सम्मानित करने वाला ‘संतोकबा ह्यूमेनिटेरियन अवार्ड’ इस वर्ष जाने-माने भारतीय नेत्र रोग विशेषज्ञ और ‘एल. वी. प्रसाद आई इंस्टीट्यूट’ के संस्थापक अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. गुल्लापल्ली एन. राव और भारतीय सामाजिक विकास कार्यकर्ता व ‘सेल्फ-एम्प्लॉयड विमेंस एसोसिएशन’ (SEWA) की डायरेक्टर पद्मश्री रीमा नानावटी को प्रदान किया गया।
इस वर्ष के उत्सव में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ते हुए, SRKKF ने ‘सोशल एंटरप्रेन्योर अवार्ड’ की शुरुआत की है। यह पुरस्कार व्यावसायिक क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के साथ-साथ समाज पर सकारात्मक और मापने योग्य प्रभाव डालने वाले नवोन्मेषी लीडर्स को सम्मानित करता है। पर्यावरण के अनुकूल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ‘बोलांट इंडस्ट्रीज’ के संस्थापक श्रीकांत बोल्ला को इस पुरस्कार के पहले विजेता के रूप में घोषित किया गया है। उन्होंने व्यक्तिगत प्रतिकूलताओं को एक शक्तिशाली मिशन में बदल दिया और एक ऐसे बिजनेस मॉडल की स्थापना की जो दिव्यांग-समावेशी रोजगार और पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ पद्धतियों का समर्थन करता है।
‘श्री रामकृष्ण एक्सपोर्ट्स प्रा. लि.’ (SRK) और SRK नॉलेज फाउंडेशन (SRKKF) के संस्थापक और चेयरमैन एमेरिटस श्री गोविंद ढोलकिया द्वारा वर्ष 2006 में स्थापित यह अवार्ड, उनकी माता संतोकबा के जीवन के करुणा और नि:स्वार्थ मूल्यों की विरासत को आगे बढ़ाते हुए, नि:स्वार्थ सेवा और परिवर्तनकारी नेतृत्व को सम्मानित करने के दो दशक (20 वर्ष) पूरे करता है।
पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं का चयन विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित नेताओं से बनी एक स्वतंत्र जूरी द्वारा संचालित कठोर एवं पारदर्शी मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। वर्ष 2026 के लिए जूरी में भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु के निदेशक गोविंदन रंगराजन; इसरो के पूर्व अध्यक्ष ए. एस. किरण कुमार; भारतीय नौसेना के पूर्व प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार (सेवानिवृत्त); सिरिल अमरचंद मंगलदास के पार्टनर ऋषभ श्रॉफ; तथा SRKके उद्यमी एवं ब्रांड कस्टोडियन श्रेयांस धोलकिया शामिल थे।
इस अवसर पर बोलते हुए श्री गोविंद ढोलकिया ने कहा, “मेरी मां करुणा की प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने अपना पूरा जीवन गुजरात के एक छोटे से गांव दुधाला में बिताया, लेकिन अपने सभी बच्चों के लिए उनका सपना सिर्फ जीवन में सफल होना ही नहीं था, बल्कि सत्य, प्रेम और करुणा के माध्यम से हमारे जीवन को सार्थक बनाना था। उनके द्वारा हमारे भीतर बोए गए संस्कारों के माध्यम से उनकी विरासत आज भी जीवित है। उनके यही मूल्य संतोकबा ह्यूमेनिटेरियन अवार्ड का आधार बने – जिसका उद्देश्य मानवता की सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले महापुरुषों को सम्मानित करना है। जब हम इस पुरस्कार के 20 वर्ष मना रहे हैं, तो उन उत्कृष्ट चेंजमेकर्स को सम्मानित होते देख मुझे बेहद खुशी और धन्यता महसूस हो रही है, जिनके काम ने देश भर में अनगिनत जीवन को छुआ है और समाज को मजबूत किया है।”
पुरस्कार विजेताओं के बारे में बात करते हुए श्री धोलाकिया ने कहा, “इस वर्ष के पुरस्कार विजेताओं ने दिखाया है कि किसी निश्चित उद्देश्य के साथ उठाए गए कदम कैसे लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित कर सकते हैं। उनकी दूरदर्शिता, समर्पण और सेवा ने एक स्थायी प्रभाव पैदा किया है। यह हमें याद दिलाता है कि सच्ची सफलता व्यक्तिगत उपलब्धियों में नहीं, बल्कि इसमें है कि हम अपने आस-पास के लोगों का उत्थान कैसे करते हैं।”
इस सम्मान के बारे में बात करते हुए डॉ. गुल्लापल्ली नागेश्वर राव ने कहा, “संतोकबा ह्यूमेनिटेरियन अवार्ड उन मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है जो बेहद अर्थपूर्ण हैं – सहानुभूति, सेवा और जीवन को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता। यह सम्मान प्राप्त करना वास्तव में गौरव की बात है और मैं यह पुरस्कार उन अनगिनत लोगों और संगठनों की ओर से स्वीकार करता हूं जिन्होंने लोगों तक गुणवत्तापूर्ण आंखों की देखभाल पहुंचाने के कार्य में अपना जीवन समर्पित कर दिया है। हम सभी ने मिलकर दृष्टि, गरिमा और अवसरों को पुनर्स्थापित करने की परिवर्तनकारी शक्ति का अनुभव किया है। SRK की कार्यप्रणाली और सुव्यवस्थित प्रणालियों को निकट से देखने के बाद मैं निःसंकोच कह सकता हूँ कि यह वास्तव में एक विश्वस्तरीय संस्था है। सूरत की मेरी यह पहली यात्रा अत्यंत प्रेरणादायक और यादगार रही है। मुझे विश्वास है कि एल.वी. प्रसाद आई इंस्टीट्यूट (LVPEI) की हमारी टीम गोविंदकाका के अनुभव, दृष्टिकोण और नेतृत्व से बहुत कुछ सीखेगी।”
संतोकबा ह्यूमेनिटेरियन अवार्ड स्वीकार करते हुए रीमा नानावटी ने कहा, “यह सम्मान वास्तव में उन लाखों महिलाओं का है जिनकी दृढ़ता, पक्के संकल्प और उद्यमशीलता की भावना हमें हर दिन प्रेरित करती है। ‘सेवा’ (SEWA) के साथ मेरी यात्रा ने एक सरल विश्वास को और मजबूत किया है: जब महिलाओं को अवसर देकर सशक्त बनाया जाता है, तो वे अपने परिवारों, समर्पित समुदायों और पूरे समाज के लिए बदलाव का एक शक्तिशाली माध्यम बनती हैं। SEWA और SRK के पास अनेक क्षेत्रों में मिलकर कार्य करने की अपार संभावनाएँ हैं। वर्तमान समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर, दोनों संस्थाएँ वंचित और कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।”
प्रथम ‘सोशल एंटरप्रेन्योर अवार्ड’ के विजेता श्रीकांत बोल्ला ने कहा, “मेरी यात्रा ने मुझे सिखाया है कि सीमाएं अक्सर वास्तविकता से अधिक लोगों की मानसिकता में होती हैं। पहला ‘संतोकबा सोशल एंटरप्रेน्योर अवार्ड’ प्राप्त करना मेरे लिए बहुत खास है और यह मेरे इस विश्वास को और मजबूत करता है कि सही अवसरों, सहयोग और दृढ़ संकल्प के साथ, हर व्यक्ति समाज में सार्थक योगदान दे सकता है और खुद से परे जाकर एक बड़ा बदलाव ला सकता है। आज मैंने हीरों और SRK, दोनों में उत्कृष्टता की अद्भुत चमक का अनुभव किया। गोविंदकाका की तरह, मेरा भी उस अदृश्य शक्ति में गहरा विश्वास है जो हमारा मार्गदर्शन करती है, और मुझे लगता है कि मुझे आपके शहर तक लाने वाली भी वही नियति है। हमारी दोनों संस्थाओं के बीच एक सार्थक, दीर्घकालिक और प्रभावशाली साझेदारी स्थापित करने को लेकर मैं अत्यंत उत्साहित हूँ।”
पिछले 20 वर्षों में, संतोकबा ह्यूमेनिटेरियन अवार्ड ने भारत के 19 प्रतिष्ठित मानवतावादी और सामाजिक दिग्गजों को सम्मानित किया है, जिनमें रतन टाटा, हिज होलीनेस 14वें दलाई लामा, डॉ. सुधा मूर्ति, डॉ. साइरस पूनावाला, शिव नाडार, डॉ. अभय बंग और डॉ. रानी बंग, डॉ. वर्गीज कुरियन, श्री कैलाश सत्यार्थी और श्री ए. एस. किरण कुमार जैसी अन्य प्रमुख हस्तियां शामिल हैं।
वर्ष 2026 में, SRKKF ने ‘संतोकबा सोशल एंटरप्रेन्योर अवार्ड’ की भी शुरुआत की है, जिसके पहले विजेता श्री श्रीकांत बोल्ला बने हैं। संतोकबा ह्यूमेनिटेरियन अवार्ड की यह 20 वर्षों की अभूतपूर्व यात्रा, एक उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहानुभूति, सेवा और उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व के महत्व को रेखांकित करती है। करुणा और मानव सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की यह यात्रा निरंतर जारी रहेगी।



