
भगवान नेमीनाथ जन्म व दीक्षा कल्याणक महोत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब
चौदह स्वप्नों से जन्म, वैराग्य और दीक्षा तक के प्रसंगों का भव्य नाट्य मंचन; आकर्षक वेशभूषा व भावपूर्ण अभिनय ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर
सूरत। श्री सुरंजनोत्कर्ष वर्षावास-2026 के अंतर्गत गुड़ामालानी उद्धारिका, नवोदित श्री विचक्षण धाम प्रेरिका एवं श्री मांगलिक प्रदात्री प.पू. विचक्षणमणि गुरु मां श्री सुरंजनाश्रीजी म.सा. की सुशिष्या सरलमना परम पूज्य साध्वीवर्या श्री मोक्षांजनाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा-5 के पावन सान्निध्य में भगवान नेमीनाथ जन्म एवं दीक्षा कल्याणक महोत्सव श्रद्धा व भक्ति के साथ मनाया गया। श्री जिनकुशलसूरी बाड़मेर जैन श्री संघ ट्रस्ट सूरत के तत्वावधान में आयोजित समारोह में सीरवी समाजवाड़ी स्थित आध्यात्मिक प्रवचन वाटिका श्रद्धालुओं से खचाखच भर गई।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8.30 बजे दादावाड़ी से हुई। साध्वीवृंद के सान्निध्य में भगवान नेमीनाथ के जीवन प्रसंगों पर आधारित भव्य नाट्य मंचन प्रस्तुत किया गया। इसमें महारानी शिलादेवी द्वारा मध्यरात्रि में देखे गए चौदह शुभ स्वप्न, राज ज्योतिष का आगमन एवं स्वप्न फल, मामा-मामी व बुआ का आगमन, नामकरण, भगवान का जन्म, बाल्यकाल, वैराग्य एवं दीक्षा ग्रहण तक के प्रसंगों को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया।
बाड़मेर से पधारी रक्षिता जैन ने ‘मंत्र की महिमा जय-जयकार’ भजन पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। वहीं 14 बालिकाओं द्वारा चौदह स्वप्नों पर प्रस्तुत नृत्य विशेष आकर्षण रहा। भगवान के जन्म प्रसंग के दौरान पूरा परिसर जयकारों व तालियों से गूंज उठा। कलाकारों की भावभंगिमाओं, संवाद अदायगी, मंच सज्जा, विद्युत सज्जा एवं आकर्षक वेशभूषा ने प्रस्तुति को प्रभावशाली बनाया।
तीर्थंकर की वाणी जीवन को प्रकाशित करती है
धर्मसभा को संबोधित करते हुए प.पू. साध्वीवर्या श्री मोक्षांजनाश्रीजी म.सा. ने कहा कि तीर्थंकर सत्य और प्रकाश के स्वरूप हैं, जो मानव जीवन की भावभूमि को प्रकाशित करते हैं। भगवान नेमीनाथ की करुणा का भाव इतना प्रबल था कि विवाह के लिए जा रही बारात के मार्ग में पशुओं को बंधा देखकर उन्होंने रथ वापस मोड़ दिया और संयम का मार्ग अपनाया। उन्होंने जीवदया एवं अहिंसा को जीवन में उतारने का संदेश दिया।
संगीत व संचालन ने बांधा समां
कार्यक्रम में श्री महावीर देसाई एंड पार्टी ने जन्म कल्याणक की उजमणी में शानदार प्रस्तुति दी। संगीतकार महावीर देसाई एवं गौतम पारख के सुंदर संचालन ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
श्री जिनकुशलसूरी बाड़मेर जैन श्री संघ ट्रस्ट सूरत के अध्यक्ष सुरेन्द्र सेठिया, चातुर्मास कमेटी अध्यक्ष मुकेश छाजेड़ एवं मीडिया प्रभारी राजू नागडदा ने आयोजन की सफलता में सहयोग देने वाले सभी कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। संघ स्वामी वात्सल्य के लाभार्थी नरेंद्र कुमार जी मानमल जी सालगिया रहे। लाभार्थियों द्वारा लड्डू की प्रभावना वितरित की गई। समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ लिया।



