
1100 नोटबुक से बनाया सवा पाँच फीट के अनोखे ‘ज्ञान गणेशा’
विसर्जन के बाद बच्चों में बांटी जाएंगी
सूरत। प्रत्येक वर्ष गणपति महोत्सव के दौरान कुछ अनूठा कर युवा वर्ग को धार्मिक आस्था, रचनात्मक कार्यों और प्रकृति के प्रति जागरूक करने तथा सच्चे अर्थों में ‘रियल ईको-फ्रेंडली’ संदेश देने के लक्ष्य के साथ डॉ. अदिति मित्तल ने इस वर्ष 1100 नोटबुक का उपयोग करके भगवान श्रीगणेश की पाँच फीट ऊँची एक अनोखी और ज्ञानवर्धक प्रतिमा बनाई है। इस भव्य प्रतिमा को मुंबई के लोअर परेल (वेस्ट) विस्तार में दर्शनार्थ रखा गया है।
इस अनूठी प्रतिमा के विसर्जन को लेकर भी एक बहुत ही सुंदर सामाजिक संदेश दिया गया है। डॉ. अदिति मित्तल ने बताया कि गणेशोत्सव के समापन पर इन कॉपियों का पारंपरिक रूप से जल विसर्जन करने के बजाय ज़रूरतमंद एवं वंचित बच्चों में वितरित किया जाएगा, जो विद्या के देवता श्रीगणेश की सच्ची आराधना होगी।
उल्लेखनीय है कि डॉ. अदिति मित्तल पिछले दस वर्षों से लगातार पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए ईको-फ्रेंडली गणेशजी की प्रतिमाएं बना रही हैं। इससे पूर्व वे तरबूज, ड्राई फ्रूट्स, नारियल, मक्का, साबुन, मिट्टी के दीपक और आलू जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से प्रतिमाओं का निर्माण कर चुकी हैं। उत्सव के बाद इन सामग्रियों को हमेशा प्रसाद अथवा उपयोगी वस्तु के रूप में अलग-अलग स्थानों पर जरूरतमंदों और श्रद्धालुओं में वितरित किया जाता रहा है। उनके बनाये हुए गणेशजी को ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ तथा ‘गुजरात बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में भी स्थान प्राप्त हो चुका है। भारत के अलग-अलग स्थानों से लाखों भक्त सोशल मीडिया के माध्यम से उनके गणेशजी के दर्शन करते है।



