
उमरपाड़ा में पोषण का संदेश, 28,977 लोगों तक पहुंचा अभियान
अदाणी फाउंडेशन और ICDS के संयुक्त प्रयास से राष्ट्रीय पोषण माह मनाया, गांव-गांव जागरूकता कार्यक्रम
उमरपाड़ा, सूरत। कुपोषण मुक्त और सुपोषित समाज के निर्माण के उद्देश्य से सितंबर माह में उमरपाड़ा तहसील में राष्ट्रीय पोषण माह के तहत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अदाणी फाउंडेशन के ‘फॉर्च्यून सुपोषण’ प्रोजेक्ट और जिला पंचायत के ICDS विभाग के संयुक्त प्रयास से चले इस अभियान में ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भागीदारी रही।
उमरपाड़ा में अप्रैल 2024 से संचालित ‘फॉर्च्यून सुपोषण’ परियोजना के तहत बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और उनके परिवारों में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने के साथ कुपोषण कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
गांव-गांव पहुंचा पोषण का संदेश
राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान विभिन्न गांवों में जागरूकता रैली, परिवार परामर्श, समूह चर्चा, पोषण शपथ, ‘मेरी आंगनवाड़ी, मेरी जिम्मेदारी’ अभियान सहित कई गतिविधियां आयोजित की गईं। पौष्टिक व्यंजनों का प्रदर्शन, पोषण वाटिका को बढ़ावा देने के साथ स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और लाभार्थियों के घरों पर भी जागरूकता कार्यक्रम हुए।
स्थानीय सब्जियों के उपयोग, संतुलित आहार, मां-बच्चे के पोषण और स्वच्छता के महत्व को लेकर घर-घर जाकर ग्रामीणों को जानकारी दी गई।
‘सुपोषण संगिनी’ ने निभाई अहम भूमिका
अदाणी फाउंडेशन की टीम और ग्रामीण स्तर पर सक्रिय ‘सुपोषण संगिनी’ बहनों** ने ICDS के साथ मिलकर अभियान को गांवों तक पहुंचाया। अभियान के दौरान उमरपाड़ा तहसील के करीब 28,977 लोगों को पोषण संबंधी मार्गदर्शन दिया गया।
अदाणी फाउंडेशन और ICDS के इस संयुक्त अभियान का उद्देश्य पोषण को जनआंदोलन का स्वरूप देते हुए उमरपाड़ा को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में प्रयास करना है। स्थानीय नागरिकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सरकारी विभागों की भागीदारी से पोषण जागरूकता को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।



