
सूरत। स्टीमहाउस इंडिया लिमिटेड ने हरियाणा में औद्योगिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 500 करोड़ के प्रस्तावित निवेश की संभावनाएं तलाशने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार के हरियाणा एंटरप्राइजेज प्रमोशन सेंटर (HEPC) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता 27 अक्टूबर 2026 को हुआ।
इस एमओयू के तहत राज्य में औद्योगिक क्लस्टरों के लिए कम्युनिटी बॉयलर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने सहित विभिन्न संभावनाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। इस मॉडल में एक केंद्रीय सुविधा पर भाप का उत्पादन कर विशेष पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से कई औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचाया जाता है।
कंपनी के अनुसार, पारंपरिक व्यक्तिगत बॉयलर की तुलना में यह व्यवस्था केंद्रीकृत प्रदूषण नियंत्रण, ईंधन प्रबंधन और उत्सर्जन की निगरानी को बेहतर ढंग से संचालित करने में मददगार हो सकती है। हालांकि, इसके परिणाम तकनीक के चयन, संचालन और पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन पर निर्भर करेंगे।
स्टीमहाउस इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक विशाल एस. बुधिया ने कहा कि कम्युनिटी बॉयलर इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से भाप पर निर्भर उद्योगों की जरूरतों को नए तरीके से पूरा करने के साथ पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन पर भी ध्यान दिया जा सकता है। हरियाणा के औद्योगिक क्लस्टरों में केंद्रीकृत भाप उत्पादन और वितरण नेटवर्क की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा।
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की चुनौती के बीच औद्योगिक उत्सर्जन नियंत्रण महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है। हरियाणा के पानीपत और सोनीपत जैसे औद्योगिक केंद्रों में क्लस्टर आधारित भाप आपूर्ति व्यवस्था की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं। छोटे औद्योगिक क्लस्टरों में कम्युनिटी बॉयलर प्रणाली को लेकर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के दिशानिर्देश भी इस विषय को प्रासंगिक बनाते हैं।
कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह एमओयू केवल संभावनाओं के मूल्यांकन और सरकारी सहयोग के लिए है। यह किसी परियोजना का आवंटन या निर्माण की अंतिम प्रतिबद्धता नहीं है। आगे का निर्णय तकनीकी एवं व्यावसायिक व्यवहार्यता, औद्योगिक मांग, पर्यावरणीय आवश्यकताओं और जरूरी सरकारी मंजूरियों के आधार पर लिया जाएगा।



