सूरत महानगरपालिका ने बेचने निकाले प्लॉट का आप ने किया विरोध, शहर में लगे विरोध के बैनर

एक समय था कि गुजरात में वित्तीय तौरपर सबसे सूरत महानगरपालिका का दबादबा था। लेकिन अब समय के साथ परिस्थिति बदल चुकी है। मनपा की तिजोरी खाली हो चुकी है। ऐसे में मनपा ने आय अर्जित करने के लिए शहर के पॉश इलाके में स्थित पांच प्लॉट बेचने का निर्णय लिया है। इसका मनपा में विपक्ष की भूमिका निभाने वाले आप द्वारा विरोध शुरू किया गया है। आज शहर के वराछा मिनीबाजार सहित इलाकों में बैनर लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।

सूरत महानगर पालिका ने टीपी योजना के तहत प्राप्त पांच भूखंडों को 99 साल के लिए आय अर्जित करने के लिए पट्टे पर देने के प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। सूरत महानगर पालिका इन भूखंडों को लीज पर देकर 370 करोड़ रुपये से अधिक जुटाना चाहता है।

विपक्ष ने एक पत्रकार परिषद में आरोप लगाया कि शासक ने महानगरपालिका की तिजोरी खाली कर दी है। विपक्ष ने प्लॉट बेचने का विरोध किया है और साथ ही प्लॉट खरीदने वालों को भी चेतावनी दी है कि अगर आप इस प्लॉट पर प्रोजेक्ट शुरू करेंगे तो इसका भी हम विरोध करेंगे।

वर्ष 2006 में सूरत महानगरपालिका की जकात की आय बंद की गई थी। तब आय 600 करोड़ रूपए थी। राज्य सरकार ने इसके बदले में मनपा को रकम बढ़ते ग्रोथ के मुताबिक देने का आश्वासन दिया था। जो आज 15 साल में केवल 700 करोड़ के आसपास दी जाती है। बल्कि यह जकात ग्रोथ के मुताबिक आज सूरत महानगरपालिका को कम से कम 1800 करोड़ से ज्यादा मिलनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधीश राज्य सरकार के पास अपने हक के रूपए मांग नहीं सकते, इसलिए अरबों रूपए कीमत के प्लॉट अपने करीबी को बेचना चाहते है। आम आदमी पार्टी ने प्लॉट बेचने का विरोध शुरू किया है, लेकिन यह विरोध कितना कारगर साबित होगा यह आने वाला वक्त ही बताएगा।

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