उदयपुर जिले के गोगुंदा में आज एक भी कोरोना पॉजिटिव केस नही निकला

उदयपुर (कांतिलाल मांडोत) उदयपुर में कोरोना की तबाई का मंजर सभी ने देखा।एक एक सांस   कीमती थी।इसका अनुभव मरीज  और उनके परिजनों से ज्यादा कौन जानता है।आज का दौर उदयपुर जिले में थमता नजर आ रहा है।गांवो में कोरोना के मरीज अभी नही निकल रहे है।जो लोग डायबिटीज से पीड़ित है उनको सावधानी रखने की आवश्यकता है। ब्लैक फंगस को  राज्य   में महामारी घोषित कर इलाज शुरू किया जा रहा है।कोरोना तो नई बीमारी थी।उसके लक्षण और दिक्कतों से डॉक्टर और आम लोग अनभिज्ञ थे।अब डेढ़ वर्ष में  कोरोना को अच्छी तरह से  समझा है और मेडिकल  साइंस ने उसके अवगुण को परखा है।
डॉवटर का अनुभव बढ़ता गया।अब नही लगता है कि तीसरी लहर से लोगो को ज्यादा नुकसान होगा ।संक्रमण एक साथ पूरे भारत मे बढ़ने से सरकार हड़बड़ा गई थी।अचानक बीमारी बढ़ने से दवाइयां,ऑक्सीजन आदि की किल्लत से लोग घबरा गए।लेंकिन इससे मिले बुरे अनुभवों से सीख लेकर ब्लैक फंगस को तेजी से काबू किया जा सकता है।गनीमत यह भी है कि इसका इलाज है और दवाइयां की उपलब्धता पर ध्यान दिया जाता है तो रोगी ठीक हो सकते है।इस बीमारी से घबराने की जरूरत नही है।यह बीमारी कोरोना से अलग है।इसमें महंगे इंजेक्शन  और विशेषज्ञों की सलाह की आवश्यकता है।कोरोना से ठीक हुए लोग इलाज के दौरान मिले फंगस संक्रमण को इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है।

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