सूरत

सूरत के कपड़ा उद्योग में प्रोसेसिंग भी अत्याधुनिक बनाने की सरकार से मांग

कपड़ा उद्योग के लिए सरकारी प्रोत्साहन जरूरी : एसआरटीईपीसी

सूरत। सिंथेटिक रेयोन टेक्सटाइल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल द्वारा कपड़ा मंत्री दर्शना जरदोश से कपड़ा उद्योग को लेकर कुछ मांगे की गई। जिसमें विश्वस्तर के प्रोसेसिंग यूनिट बनाने और फाइबर न्यूट्रल पॉलिसी बनाने पर जोर दिया गया। अहमदाबाद में शनिवार को हुई टेक्सटाइल इन्टरएक्टिव मीट और टेक्सटाइल लीडरशिप कॉन्कलेव में एसआरटीईपीसी के चेयरमेन धीरज शाह और पदाधिकारी कपड़ा मंत्री दर्शना जरदोश से मिले और कपड़ा उद्योग के लिए आवश्यक कुछ मांगे रखी।

शाह ने बताया कि मेन मेड फाइबर क्षेत्र में एक्सपोर्ट के बहुत अवसर है। इसमें कुछ संशोधन किया जाए तो एक्सपोर्ट बढ़ सकता है। शाह ने इसके लिए कम अवधि और ज्यादा अवधि के दो प्रकार के संशोधन की मांग की। कम समय के संशोधन में अंतररा@ट्रीय सुविधा के साथ प्रोसेसिंग यूनिट बनाने चाहिए। नए टेक्सटाइ यूनिट स्थापित करने में रेसिडेन्शियल विस्तार से 200 मीटर की दूरी का नियम घटाया जाए। नीटिंग उद्योग को पीएलआई सहित योजना का लाभ दिया जाए। ईपीसीजी स्क्रीम एक्सपोर्टर के लिए कायम किया जाए। तुर्की, बांग्लादेश और यूरोप सहित देशों के साथ एन्टि डम्पिंग ड्यूटी के मुद्दे का निवारण लाया जाए।

वहीं लंबे समय के संशोधन में फाइबर न्यूट्रालिटी पॉलिसी बनाई जाए कि जिससे सभी प्रकार के फाइबर के लिए व्यापारी समान अवसर मिले। टेक्सटाइल इंडस्ट्री को प्राथमिकता वाले सेगमेंट में गिनती कर इसके ब्याज के दर कम रखे जाए। टेक्सअल्पावधि बहुत आवश्यक है क्योंकि दैनिक उपयोग की वस्तुओं, उपभोग्य सामग्रियों, खाद्य पदार्थों आदि के लिए और आपूर्ति के अभाव में निकट भविष्य में कमी हो सकती है और इसलिए उन वस्तुओं को तुरंत तेज करने की आवश्यकता है।

रूस को भारत को रियायती मूल्य पर कच्चे तेल की आपूर्ति करने पर भी विचार करना चाहिए, हालांकि यह दोनों सरकारों को तय करना है। टेक्सटाइल उत्पादन और एक्सपोर्ट के लिए स्पेशल पैकेज की घो@णा करके प्रोत्साहक नीति बनाई जाए। रिसर्च एन्ड डेवलपमेंट में अपग्रेडेशन किया जाए।

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