
द वर्ल्डग्रैड ने सूरत में 100+ प्रतिभागियों को आकर्षित किया, ‘द ग्लोबल लॉन्चपैड’ के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के स्मार्ट विकल्पों को किया रेखांकित
सूरत, गुजरात 26 अप्रैल, 2026: ऐसे समय में जब छात्र और अभिभावक विदेश में उच्च शिक्षा के विकल्पों को पहले से अधिक योजना, किफायती दृष्टिकोण और स्पष्ट परिणामों के साथ तलाश रहे हैं, द वर्ल्डग्रैड ने ऑनट्रैक एजुकेशन के सहयोग से 26 अप्रैल, 2026 को सूरत में ‘द ग्लोबल लॉन्चपैड – फ्रॉम सूरत टू द वर्ल्ड’ का सफल आयोजन किया। परवत पटिया स्थित रीजेंटा – द वर्ल्ड में आयोजित इस इवेंट में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जो यह दर्शाता है कि अब निर्णय केवल गंतव्य-आधारित नहीं बल्कि अधिक संरचित और सूचित योजना पर आधारित हो रहे हैं।
यह इवेंट विशेष रूप से 12वीं कक्षा के छात्रों, डिप्लोमा धारकों, 12वीं पासआउट्स और उनके अभिभावकों के लिए डिज़ाइन किया गया था। इसमें अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के व्यावहारिक मार्गों पर फोकस किया गया, जिसमें अकादमिक प्रोफाइल विश्लेषण, पसंदीदा देश, डिग्री विकल्प, पात्रता मानदंड, स्कॉलरशिप, एडमिशन टाइमलाइन, वीज़ा तैयारी और स्मार्ट ट्रांसफर एवं ट्विनिंग प्रोग्राम्स की बढ़ती लोकप्रियता जैसे विषय शामिल थे।
विशेषज्ञ सत्रों और व्यक्तिगत परामर्श के माध्यम से प्रतिभागियों ने यह समझा कि छात्र अपनी पढ़ाई के शुरुआती दो वर्ष तक द वर्ल्डग्रैड के साथ शुरू कर सकते हैं और उसके बाद USA, UK, ऑस्ट्रेलिया, UAE और सिंगापुर स्थित साझेदार विश्वविद्यालयों में आगे की पढ़ाई जारी रख सकते हैं।
इवेंट का एक प्रमुख आकर्षण ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एसेंशियल्स: फ्रॉम अंडरस्टैंडिंग टू इम्प्लीमेंटेशन’ विषय पर आयोजित प्रमाणित वर्कशॉप रही, जिसे यूनिवर्सिटी ऑफ वोलोंगोंग (UOW) इंडिया के डॉ. कीरण त्रिवेदी ने संचालित किया। इस सत्र में छात्रों को विभिन्न उद्योगों में AI के बढ़ते प्रभाव और भविष्य के करियर के लिए आवश्यक कौशलों से परिचित कराया गया। UOW इंडिया (GIFT सिटी कैंपस) के कैंपस डायरेक्टर निमय कल्याणी ने छात्रों और अभिभावकों को वैश्विक शिक्षा मॉडल में हो रहे बदलावों और बेहतर रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट के साथ अंतरराष्ट्रीय अवसरों तक पहुँच के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

इस अवसर पर द वर्ल्डग्रैड के को-फाउंडर अमित गर्गा ने कहा, “आज के समय में छात्रों के पास वैश्विक शिक्षा के पहले से कहीं अधिक विकल्प हैं, लेकिन विकल्पों की अधिकता परिवारों के लिए निर्णय प्रक्रिया को जटिल भी बनाती है। छात्रों को केवल विश्वविद्यालयों तक पहुँच ही नहीं, बल्कि लागत, समय-सीमा और दीर्घकालिक परिणामों पर स्पष्टता की आवश्यकता है। हम ट्रांसफर और ट्विनिंग जैसे स्मार्ट मॉडल्स की बढ़ती मांग देख रहे हैं, जहाँ छात्र किफायती और अकादमिक रूप से समर्थित वातावरण में अपनी पढ़ाई शुरू कर सकते हैं और बाद में विदेश में आगे बढ़ सकते हैं। सूरत जैसे शहर यह दर्शाते हैं कि टियर-2 बाजारों में परिवार अब पहले से कहीं अधिक योजना और स्पष्ट उद्देश्य के साथ निर्णय ले रहे हैं।”
इवेंट में काउंसलिंग और ऑन-द-स्पॉट एडमिशन सेगमेंट के दौरान भी उल्लेखनीय भागीदारी देखी गई, जहाँ 50+ छात्रों और अभिभावकों ने प्रोफाइल-आधारित परामर्श प्राप्त किया। इसमें पात्रता, स्कॉलरशिप, कोर्स चयन और आवेदन समय-सीमा जैसे पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया गया। कंप्यूटर साइंस, बिज़नेस, इंजीनियरिंग और डेटा साइंस जैसे प्रोग्राम्स में विशेष रुचि देखी गई, जबकि अभिभावकों ने लागत प्रबंधन, वीज़ा प्रक्रिया और छात्र सहायता तंत्र को लेकर गहरी समझ विकसित करने में रुचि दिखाई।
इस संदर्भ में ममता जानी ने कहा, “सूरत जैसे शहरों में परिवार अब अंतरराष्ट्रीय शिक्षा की योजना बहुत पहले से शुरू कर रहे हैं और रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट, रोजगार संभावनाओं और अकादमिक उपयुक्तता जैसे मुद्दों पर अधिक गंभीर प्रश्न उठा रहे हैं। अब बातचीत केवल ‘कहाँ पढ़ना है’ तक सीमित नहीं रही, बल्कि ‘सही अकादमिक योजना कैसे बनानी है’ पर केंद्रित हो गई है। यह एक सकारात्मक बदलाव है। ‘द ग्लोबल लॉन्चपैड’ जैसे प्रयासों के माध्यम से हमारा उद्देश्य छात्रों को सही समय पर विश्वसनीय मार्गदर्शन, पारदर्शी योजना और व्यक्तिगत परामर्श उपलब्ध कराना है। प्रारंभिक योजना छात्रों को बेहतर विकल्प, अधिक स्कॉलरशिप और अधिक आत्मविश्वास के साथ निर्णय लेने में मदद करती है।”
इवेंट का समापन वन-ऑन-वन काउंसलिंग सत्रों के साथ हुआ, जहाँ छात्रों और अभिभावकों को कोर्स चयन, वित्तीय योजना और उपयुक्त अंतरराष्ट्रीय शिक्षा विकल्पों पर व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान किया गया।



